बाघ का आतंकः खटीमा में जंगल गई बुजुर्ग महिला को बनाया शिकार! 30 मीटर तक घसीट ले गया शव, दहशत में ग्रामीण

Tiger terror: An elderly woman in the forest in Khatima was hunted by a tiger! The body was dragged for 30 meters, terrifying villagers.

खटीमा। उत्तराखण्ड में बाघ का आतंक लगातार जारी है, आए दिन बाघ के हमलों में लोगों की जान जा रही है। मंगलवार को जहां अल्मोड़ा में बाघ ने एक बुजुर्ग को मौत के घाट उतार दिया, वहीं आज बुधवार को खटीमा के बग्गा चौवन गांव में एक बुजुर्ग महिला को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। इन घटनाओं के बाद अल्मोड़ा और खटीमा में दहशत का माहौल  बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक बग्गा चौवन निवासी 71 वर्षीय गोपली देवी रोजाना की तरह अन्य महिलाओं के साथ जंगल में जानवर चराने गई थीं। सुबह करीब साढ़े 10 बजे अचानक घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बाघ ने महिला को पकड़कर करीब 30 मीटर तक घसीटते हुए झाड़ियों की ओर ले गया। इस दौरान साथ मौजूद महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। साथ ही वन विभाग की टीम भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की। वन विभाग की टीम ने बाघ को भगाने के लिए हवाई फायरिंग की। करीब चार राउंड फायरिंग के बाद बाघ जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद टीम ने महिला के शव को कब्जे में लिया। वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल के अनुसार बाघ ने महिला के गर्दन पर हमला किया था। घटनास्थल से बाघ के बाल और लार के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए देहरादून स्थित लैब भेजे गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग जंगल जाने से डर रहे हैं। बता दें कि लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष के बीच यह घटना एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गई है। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीण ऐसे खतरों के साए में जीने को मजबूर रहेंगे और क्या वन विभाग इस खतरे पर काबू पा पाएगा?