यार बिना चैन कहां रे,दिल में हो तुम आंखों में तुम,जैसे हिट गानों की आवाज़ हुई खामोश,88 वर्ष की आयु में दिग्गज गायिका का निधन
साउथ सिनेमा की 'स्वर कोकिला' कही जाने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से भारतीय फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कलाकारों, संगीतकारों और प्रशंसकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय संगीत के लिए उनकी अतुलनीय सेवाओं को याद किया।

एस. जानकी ने दक्षिण भारतीय फिल्मों के साथ-साथ हिंदी सिनेमा में भी अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज से करोड़ों श्रोताओं का दिल जीता। हिंदी के उनके लोकप्रिय गीतों में 'दिल में हो तुम, आंखों में तुम', 'बोल बेबी बोल रॉक एंड रोल', 'यार बिना चैन कहां रे', 'जवां है दिल, जवां हैं हम' और 'सुन रूबिया तुमसे प्यार हो गया' जैसे कई सुपरहिट गीत शामिल हैं, जो आज भी संगीत प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं।

एस. जानकी का संगीत सफर कई दशकों तक फैला रहा। वे केवल एक उत्कृष्ट गायिका ही नहीं, बल्कि एक प्रतिभाशाली संगीतकार भी थीं। उन्होंने मुख्य रूप से तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में हजारों गीत गाए, वहीं हिंदी सहित कई अन्य भारतीय भाषाओं में भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
अपनी असाधारण गायकी और बहुमुखी प्रतिभा के कारण उन्हें दक्षिण भारत की 'स्वर कोकिला' कहा जाता था। उनकी तुलना अक्सर भारत रत्न लता मंगेशकर से की जाती थी। उनके प्रशंसक उन्हें स्नेहपूर्वक 'जानकी अम्मा' कहकर पुकारते थे।
एस. जानकी ने अपने लंबे करियर में 48 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड करने का दुर्लभ कीर्तिमान स्थापित किया, जो भारतीय संगीत इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है। उनकी आवाज, उनके गीत और भारतीय संगीत में उनका अमूल्य योगदान हमेशा अमर रहेगा।