बंगाल में शुभेंदु युग शुरूः संभाली सत्ता की कमान! मोदी-शाह की मौजूदगी में हुआ शपथ ग्रहण

The Shubhendu era begins in Bengal: he takes the reins of power! Swearing-in ceremony takes place in the presence of Modi and Shah.

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को ऐतिहासिक बदलाव दर्ज हुआ। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर बंगाल की सत्ता में भाजपा युग की औपचारिक शुरुआत कर दी। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन का अंत हो गया और भाजपा ने पहली बार राज्य की सत्ता संभाली। शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश किया। समारोह में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और एनडीए के शीर्ष नेता शामिल हुए। पूरे ब्रिगेड परेड ग्राउंड को भगवा रंग से सजाया गया था और हजारों भाजपा समर्थकों की मौजूदगी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। राजनीतिक रूप से यह पल इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर बंगाल की सत्ता परिवर्तन की पटकथा लिखी। भवानीपुर वही सीट रही है जिसे ममता बनर्जी का सबसे सुरक्षित राजनीतिक गढ़ माना जाता था। ऐसे में वहां मिली हार ने तृणमूल कांग्रेस को गहरा झटका दिया। शपथ ग्रहण समारोह के लिए संवैधानिक परंपरा के तहत ममता बनर्जी को भी आमंत्रित किया गया था, हालांकि उनकी ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशिथ प्रमाणिक, खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया शामिल हैं। भाजपा ने अपने शुरुआती मंत्रिमंडल में संगठनात्मक अनुभव, महिला नेतृत्व, सीमांत क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल भाजपा की दीर्घकालिक बंगाल रणनीति की झलक देता है। दरअसल 8 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता पहुंचे थे, जहां भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। शाह ने स्वयं उनके नाम की घोषणा की। इसके बाद अधिकारी ने राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात कर भाजपा विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उसी समय यह साफ हो गया था कि बंगाल में भाजपा नेतृत्व शुभेंदु अधिकारी पर ही दांव लगाने जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 207 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज कर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस महज 80 सीटों पर सिमट गई। यह परिणाम बंगाल की राजनीति में एक बड़े वैचारिक और संगठनात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। कभी तृणमूल कांग्रेस के रणनीतिकार रहे शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा में शामिल होने के बाद ममता सरकार के खिलाफ सबसे मजबूत राजनीतिक चेहरा बनकर उभरे और अंततः उसी सत्ता को पराजित कर मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे।