रामपुर तिराहा कांड मामलाः हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को दिए शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश! दो दिन बाद फिर होगी सुनवाई

Rampur Tiraha incident: High Court directs petitioner to file affidavit! Hearing to resume in two days

नैनीताल। उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने राज्य आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा कांड के आरोपियों को सजा दिलाए जाने के मामले पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद आज न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता से कहा है कि जो रिकार्ड सीबीआई ने कोर्ट में पेश किया है उसपर वे अपना शपथपत्र दो दिन के भीतर कोर्ट में प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई दो दिन बाद की तिथि नियत की है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की तरफ से कहा गया कि सीबीआई कोर्ट देहरादून से केस मुजफ्फरनगर ट्रांसफर होने के बाद पांच आरोपी बहाल हो गए थे। जिसके खिलाफ सीबीआई ने ईलाहाबाद हाईकोर्ट में केस किया, जो अभी लंबित है। इसपर कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा है कि आपको इस सम्बंध में कुछ कहना है तो दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र पेश करें। पूर्व में कोर्ट ने सीबीआई से कहा था कि केस संख्या 42 /|1996 में आरोपी अनन्त कुमार के केस की क्या स्थिति है कोर्ट को अवगत कराएं। बता दें कि उत्तराखण्ड आंदोलनकारी अधिवक्ता मंच के अध्यक्ष रमन साह ने जिला जज व विशेष जज सीबीआई देहरादून की अदालत द्वारा मुजफ्फरनगर कांड से सम्बंधित मुकदमे को देहरादून से मुजफ्फरनगर कोर्ट में ट्रांसफर करने के आदेश को  हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याकचिकाकर्ता का कहना है कि 2 अक्टूबर 1994 को उत्तराखण्ड आंदोलन के दौरान दिल्ली जा रहे सैकड़ों उत्तराखण्डियों के साथ रामपुर तिराहा पर बर्बरतापूर्ण व्यवहार हुआ था। इस मामले की सीबीआई जांच के बाद सीबीआई ने देहरादून की अदालत में उक्त आरोपियों के खिलाफ 304 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। जिसका कोर्ट ने 302 के तहत संज्ञान लिया था। इस मामले में अधिवक्ता रमन साह ने सुप्रीम कोर्ट याचिका दायर की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को हाईकोर्ट में दायर करने की छूट दी थी। जिसके बाद यह मामला हाईकोर्ट में दायर हुआ है। जबकि मुजफ्फरनगर के तत्कालीन डीएम अनन्त कुमार सिंह अब सेवानिवृत्त हैं।