मास्टर की बनी ‘मास्टर गलती’! नो सर्विस’ कहने के बावजूद लग्जरी होटल के वॉशरूम से झांकने का आरोप! कंज्यूमर कोर्ट ने लगाया ₹10 लाख का जुर्माना

The master made a 'master's mistake'! Accused of peeping into a luxury hotel washroom despite being told 'no service'! Consumer court imposed a fine of ₹10 lakh.

उदयपुर के प्रतिष्ठित 5-स्टार होटल ‘द लीला पैलेस’ से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें मेहमानों की निजता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में कंज्यूमर कोर्ट ने होटल प्रबंधन को दोषी ठहराते हुए दंपति के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक दंपति ने उदयपुर प्रवास के दौरान द लीला पैलेस होटल में ‘ग्रैंड रूम विद लेक व्यू’ बुक किया था, जिसके लिए उन्होंने करीब ₹55,500 का भुगतान किया। आरोप है कि होटल के हाउसकीपिंग स्टाफ ने मास्टर की (Master Key) का इस्तेमाल करते हुए बिना अनुमति दंपति के कमरे में प्रवेश किया।

पीड़ित महिला का कहना है कि उन्होंने स्पष्ट रूप से ‘नो सर्विस’ का संकेत दिया था, इसके बावजूद होटल कर्मचारी कमरे के अंदर आया। आरोप यह भी है कि कर्मचारी ने बाथरूम के टूटे दरवाजे के माध्यम से झांकने की कथित कोशिश की, जिससे महिला और उनके पति को मानसिक आघात और असुरक्षा की भावना का सामना करना पड़ा।

मामले की सुनवाई के बाद कंज्यूमर कोर्ट ने इसे सेवा में गंभीर कमी और मेहमानों की निजता का स्पष्ट उल्लंघन माना। कोर्ट ने होटल प्रबंधन को निर्देश दिए कि वह दंपति को ₹10 लाख का मुआवजा अदा करे। इसके अलावा, कमरे के किराए की राशि ₹55,000 को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने और ₹10,000 मुकदमेबाजी खर्च का भुगतान भी करने का आदेश दिया गया है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उक्त समस्त राशि का भुगतान दो माह की अवधि के भीतर किया जाना अनिवार्य होगा।

यह मामला न केवल लग्ज़री होटलों में सुरक्षा और गोपनीयता मानकों पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन पर कानून किस तरह सख्त रुख अपनाता है।