Oct 12, 2026 Login
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मणिपुर में नहीं बुझ रही हिंसा की आग! दो समूहों के बीच फिर भारी गोलीबारी, घर-स्कूल जलाए

The fire of violence is not extinguishing in Manipur! Heavy firing again between two groups, houses and schools burnt

मणिपुर में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। एक बार फिर बिष्णुपुर जिले में शनिवार देर शाम दो समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। महिलाओं ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और टायर जलाए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुकी समुदाय के सौ से अधिक लोगों ने बिष्णुपुर जिले की ट्रोबुंग ग्राम पंचायत में मैतेई समुदाय के कुछ घर और एक स्कूल जला दिया। सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर हालात पर नियंत्रण किया। कुंबी से भाजपा विधायक सनासम प्रेमचंद्र सिंह ने बताया, ये सभी चुराचांदपुर जिले से आए थे और अचानक हमला बोल दिया।

मणिपुर में 80 से अधिक दिनों से जातीय हिंसा जारी है, जिसमें 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में कुकी समुदाय की दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमाने का वीडियो सामने आया था। जिसने पूरे देश को दहला दिया है। महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने और सामूहिक दुष्कर्म के मामले पुलिस ने शनिवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें एक की उम्र 19 साल और दूसरा जुवेनाइल है। अब तक इस मामले में कुछ छह गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले पुलिस ने 20 जुलाई को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एक अलग घटना में आदिवासी महिला ने सैकुल थाने में मामला दर्ज कराया है कि चार मई को उसकी 21 वर्षीय बेटी और 24 साल की सहेली के साथ भी भीड़ ने घर में घुसकर सामूहिक दुष्कर्म किया और निर्मम हत्या कर दी। मणिपुर में तीन मई को हिंसा की शुरुआत चुराचांदपुर जिले से हुई थी, जो राज्य की राजधानी इंफाल के दक्षिण में करीब 63 किलोमीटर की दूरी पर है। इस जिले में कुकी आदिवासी ज्यादा हैं। गवर्नमेंट लैंड सर्वे के विरोध में 28 अप्रैल को द इंडिजेनस ट्राइबल लीडर्स फोरम ने चुराचंदपुर में आठ घंटे बंद का एलान किया था। देखते ही देखते इस बंद ने हिंसक रूप ले लिया। उसी रात तुइबोंग एरिया में उपद्रवियों ने वन विभाग के ऑफिस को आग के हवाले कर दिया। 27-28 अप्रैल की हिंसा में मुख्य तौर पर पुलिस और कुकी आदिवासी आमने-सामने थे। वहीं मिजोरम सरकार ने शनिवार को राज्य में रहने वाले मैतेई समुदाय के लोगों को सुरक्षा का आश्वासन दिया और उनसे अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा। मैतेई लोगों के राज्य से पलायन करने की खबरों के बीच सरकार ने यह आश्वासन दिया। दरअसल, एक संगठन ने मणिपुर में दो महिलाओं को भीड़ द्वारा निर्वस्त्र कर घुमाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद मैतेई लोगों को राज्य छोड़ने के लिए कहा था। एक बयान में कहा गया कि इसके बाद राज्य के गृह आयुक्त और सचिव एच. लालेंगमाविया ने मैतेई समुदाय के नेताओं के साथ बैठक की और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया।