बंगाल में 'सोनार बांग्ला' युग का उदय: शुभेंदु अधिकारी आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जुटेंगे दिग्गज

 The Dawn of the 'Sonar Bangla' Era in Bengal: Suvendu Adhikari to Take Oath as Chief Minister Today; Stalwarts to Gather at Brigade Parade Ground.

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में आज, 9 मई 2026 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। दशकों के इंतजार और तीखे चुनावी संघर्ष के बाद राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार का राज्याभिषेक होने जा रहा है। नंदीग्राम के 'महानायक' और ममता बनर्जी को सियासी पटखनी देने वाले शुभेंदु अधिकारी आज बंगाल के नए 'दादा' के रूप में कमान संभालेंगे।

कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड इस भव्य समारोह का साक्षी बनने के लिए भगवा रंग में रंगा जा चुका है। खास बात यह है कि आज विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है। भाजपा ने इस दिन को चुनकर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और राजनीति के मिलन का बड़ा संदेश दिया है। इसी मैदान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आशोल परिवर्तन' का आह्वान किया था, जो आज हकीकत में बदलने जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह को 'महा-उत्सव' का रूप देने के लिए देश की तमाम बड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने कोलकाता पहुंच रहे हैं।  गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और एनडीए शासित 21 राज्यों के मुख्यमंत्री इस समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। टैगोर परिवार के सदस्यों के साथ-साथ कला, साहित्य, खेल और धार्मिक जगत की नामचीन हस्तियों को न्योता भेजा गया है। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में लाखों की भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। करीब 4000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा शुभेंदु के नए मंत्रिमंडल को लेकर है। सूत्रों के मुताबिक बंगाल के समीकरणों को साधने के लिए दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इसमें महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए रूपा गांगुली या अग्निमित्रा पॉल के नाम की प्रबल संभावना है। शुभेंदु के साथ करीब 26 से 27 मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि बंगाल में अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं, लेकिन माना जा रहा है कि कुछ पद भविष्य के लिए खाली रखे जाएंगे। मंत्रिमंडल में कुछ ऐसे चेहरों को जगह मिल सकती है जो प्रशासनिक अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन बनाएंगे। शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री पद तक पहुंचना किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। कभी ममता बनर्जी के सबसे खास सिपहसालार रहे शुभेंदु ने नंदीग्राम और भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में तृणमूल कांग्रेस के किले को ध्वस्त कर यह साबित कर दिया कि अब बंगाल की जनता बदलाव चाहती है। आज सुबह 11:00 बजे जब राज्यपाल शुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे, तो वह केवल एक मुख्यमंत्री की शपथ नहीं होगी, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक नए युग का आगाज होगा। सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि 'नबन्ना' (सचिवालय) में बैठने के बाद शुभेंदु का पहला फैसला क्या होता है।