बिहार में 'सम्राट' युग का आगाज़: भाजपा का पहला मुख्यमंत्री, नीतीश ने सौंपी विरासत
पटना। बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल आ गया है। आज सुबह लोक भवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी शपथ लेंगे। यह पहला मौका है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बिहार को अपना मुख्यमंत्री दे रही है। लगभग 65 वर्षों के इंतजार के बाद भाजपा के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है। सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से दो डिप्टी मुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण करेंगे। इस मौके पर एनडीए के शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे।सम्राट चौधरी, जो पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी के पुत्र हैं, 2017 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से होते हुए जदयू के रास्ते भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में करीब 30 वर्षों का अनुभव हासिल किया है। 2015 से भाजपा के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे सम्राट को पार्टी ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं। 2020 में एनडीए सरकार बनने पर वे उपमुख्यमंत्री बने और बाद में गृह विभाग संभाला। अब उन्हें मुख्यमंत्री पद की बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
मंगलवार को पहले भाजपा विधायक दल की बैठक में और फिर एनडीए विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को नेता चुना गया। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें मखाना की माला पहनाकर अपनी राजनीतिक विरासत सौंपी। यह क्षण भावुक करने वाला था, क्योंकि नीतीश कुमार ने दो दशकों से अधिक समय तक बिहार की सत्ता संभाली है। आज सुबह 10:50 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन हो रहा है। राज्यपाल सम्राट चौधरी के साथ दो डिप्टी सीएम को शपथ दिलाएंगे। आज केवल तीन लोग ही शपथ लेंगे। एक मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम। बाकी मंत्रियों का शपथ ग्रहण बाद में होगा। जदयू से विजय कुमार चौधरी (भूमिहार जाति) और बिजेंद्र प्रसाद यादव (यादव जाति) डिप्टी सीएम बन रहे हैं। दोनों नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद और अनुभवी नेता माने जाते हैं। पहले चर्चा थी कि नीतीश के बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम बन सकते हैं, लेकिन उन्होंने संगठनात्मक काम पर फोकस करने का फैसला किया। 2020 में भाजपा ने दो डिप्टी सीएम दिए थे, लेकिन अब बड़े भाई की भूमिका में भाजपा होने के कारण जदयू को यह सम्मान मिला है। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान और बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सहित एनडीए के सभी प्रमुख नेता शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मौके पर उपस्थित रह सकते हैं। सम्राट चौधरी ने विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद भावुक होकर कहा, “मेरे जीवन में भाजपा ने मुझे सेवा के कई अवसर दिए। मैं करीब 30 वर्षों से राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहा हूं। पहले मेरे साथ कोई विचारधारा नहीं थी, लेकिन 2015 से भाजपा के लिए काम कर रहा हूं। पार्टी ने मुझे कई पदों पर काम करने का मौका दिया और मुझ पर भरोसा जताया। उपमुख्यमंत्री के रूप में काम करने का सौभाग्य मिला। आज मुझे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है, मैं इसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री, पार्टी अध्यक्ष और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष, शिवराज सिंह चौहान तथा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को आश्वासन दिया कि भाजपा की विचारधारा को देशहित में आगे बढ़ाया जाएगा। सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा, “नीतीश कुमार जी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया सरकार कैसे चलाई जाती है, बिहार में सुशासन कैसे स्थापित होता है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन और नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के संकल्प को साथ लेकर हम बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। यह बदलाव बिहार की राजनीति में नया अध्याय लिख रहा है। भाजपा की सीधी नेतृत्व वाली सरकार अब विकास, सुशासन और लोकतंत्र को मजबूत करने पर फोकस करेगी। जातीय संतुलन, क्षेत्रीय विकास और युवा ऊर्जा को साथ लेकर नई सरकार बिहार को समृद्ध बनाने का संकल्प ले चुकी है। बिहारवासी इस ऐतिहासिक पल को उत्साह से देख रहे हैं। सम्राट चौधरी का नेतृत्व अब साबित करेगा कि एनडीए की नई सरकार पुरानी विरासत को आगे बढ़ाते हुए नए सपनों को साकार करेगी। शपथ ग्रहण के बाद पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन जल्द ही होने की उम्मीद है।