चंपावत गैंगरेप केस पर उबालः भाजपा नेता का नाम आने से गरमाई उत्तराखंड की सियासत! सड़कों पर उतरी कांग्रेस, आरोपितों के परिजनों ने बताया राजनीतिक साजिश
खटीमा/चंपावत। चंपावत जनपद में नाबालिग के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। जनाक्रोश के बीच इस मामले में सियासत भी गरमाती नजर आ रही है। मामले में भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष समेत तीन लोगों के खिलाफ पॉक्सो सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। वहीं दूसरी ओर आरोपियों के परिजन मीडिया के सामने आकर पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। घटना के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह क्षेत्र खटीमा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि पीड़िता को जल्द न्याय नहीं मिला तो पार्टी प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करेगी। इस दौरान महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी चंपावत पहुंचीं, जहां उन्होंने कांग्रेस नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ वह कोतवाली पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। उन्होंने इस घटना को देवभूमि उत्तराखंड को शर्मसार करने वाली घटना बताते हुए कहा कि महिला कांग्रेस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। ज्योति रौतेला ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार महिलाओं और बेटियों के उत्पीड़न के मामलों में भाजपा नेताओं के नाम सामने आना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने चंपावत पुलिस की जांच प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि पीड़िता के परिजनों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य बॉबी राठौर ने कहा कि जिस तरह नाबालिग लड़की के हाथ-पांव बांधकर उसके साथ कथित दुष्कर्म किए जाने की बात सामने आई है, वह बेहद शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाली घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जब भी महिलाओं के उत्पीड़न के मामले सामने आते हैं, उनमें भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में सड़कों पर उतरकर न्याय की लड़ाई लड़ेगी।
आरोपित की बेटी और पत्नी ने आरोपों को किया खारिज
इधर मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपितों के परिवार के सदस्य मीडिया के सामने आए। एक आरोपित की पत्नी और बेटी ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरे मामले को राजनीतिक और सामाजिक प्रतिशोध का परिणाम बताया। आरोपित की बेटी ने दावा किया कि घटना वाली रात उसके पिता परिवार के साथ घर पर मौजूद थे। उसने कहा कि उसके पिता को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है और उन्हें निष्पक्ष जांच पर भरोसा है। वहीं आरोपी की पत्नी मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि जिस नाबालिग लड़की की बात हो रही है, उनकी अपनी बेटी भी लगभग उसी उम्र की है। उन्होंने कहा कि उनके पति को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और इस घटना ने पूरे परिवार को मानसिक व सामाजिक रूप से तोड़ दिया है। एक अन्य आरोपी के पिता ने भी अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सभी पहलुओं की गंभीरता से हो रही जांचः आईजी रिधिम अग्रवाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सक्रिय नजर आ रहा है। कुमाऊं रेंज की आईजी रिधिम अग्रवाल ने कहा कि मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और पीड़िता को हरसंभव सुरक्षा व सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। आईजी ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी न फैलाने की अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर बेहद संवेदनशील है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।