नैनीताल:नयना देवी मंदिर में देवीभागवत कथा का रसपान,महाभारत युद्ध के प्रसंगों का भी हुआ विस्तृत वर्णन

Nainital: Devi Bhagwat Katha at Nayana Devi Temple, Mahabharata war episodes were described in detail

नैनीताल के ऐतिहासिक श्री मां नयना देवी मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्देवीभागवत महापुराण कथा के द्वितीय दिवस पर श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम देखा। कथाव्यास चंद्रशेखर अधिकारी ने अपने प्रवचनों में व्यास पुत्र एवं परम वैरागी शुकदेव महाराज के जन्म की अलौकिक महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि शुकदेव महाराज का जीवन वैराग्य, ज्ञान और भक्ति का अद्वितीय उदाहरण है।
कथा के दौरान कथाव्यास ने कौरवों और पांडवों के मध्य हुए महाभारत युद्ध की पृष्ठभूमि तथा उससे जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने युद्ध के कारणों, धर्म-अधर्म के संघर्ष और उससे मिलने वाली जीवनोपयोगी शिक्षाओं का विस्तृत वर्णन कर श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
दोपहर बाद क्षेत्र में हुई तेज वर्षा के बावजूद शाम को मौसम सुहावना होने पर बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों ने भी कथा स्थल पहुंचकर देवी माहात्म्य का श्रवण किया। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया।
कथा के यजमान के रूप में मनोज चौधरी एवं उनकी धर्मपत्नी विराजमान रहे। आयोजन को सफल बनाने में मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव लोचन साह, सचिव प्रदीप कुमार शाह, प्रधान आचार्य बसंत बल्लभ पाण्डेय, चंद्रशेखर तिवारी, भुवन कांडपाल, गणेश बहुगुणा, नवीन चंद्र तिवारी, सुमन साह, अमिता साह, मंजू रौतेला, मीनू बुधलाकोटी, मुन्नी भट्ट, सुरेश मेलकानी, बसंत जोशी, बृजमोहन जोशी, राजीव दुबे सहित ट्रस्ट के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और महिला श्रद्धालुओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नयना देवी मंदिर परिसर में चल रही यह धार्मिक कथा प्रतिदिन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान और देवी भक्ति से जोड़ रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।