तकनीक या पक्षपात? जय श्री राम पर खामोश, सलाम वालेकुम और अन्य अभिवादन के शब्दों पर तुरंत जवाब! एप्पल कंपनी के वॉयस असिस्टेंट Siri पर भेदभाव के आरोप
उज्जैन। एप्पल के वॉइस असिस्टेंट Siri को लेकर नया विवाद सामने आया है। कुछ हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि Siri विभिन्न धार्मिक अभिवादनों पर समान तरीके से प्रतिक्रिया नहीं देती, जिसे लेकर तकनीकी निष्पक्षता और धार्मिक संवेदनशीलता पर बहस छिड़ गई है। मध्य प्रदेश के उज्जैन समेत कई स्थानों पर इस मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है। ज्योतिषाचार्य पंडित पवन पाठक ने दावा किया कि उन्होंने 10 से 15 आईफोन डिवाइसों पर परीक्षण किया, जिसमें कथित तौर पर पाया गया कि "जय श्री राम" और "जय माता दी" जैसे अभिवादनों पर Siri कोई स्पष्ट उत्तर नहीं देती, जबकि "सलाम वालेकुम", "सत श्री अकाल" और अन्य अभिवादनों पर तत्काल प्रतिक्रिया दर्ज की जाती है।
इसी आधार पर हिंदू संगठनों ने एप्पल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि तकनीक के स्तर पर किसी भी प्रकार का पक्षपात स्वीकार्य नहीं है। संगठनों का कहना है कि भारत एप्पल के लिए एक बड़ा उपभोक्ता बाजार है, ऐसे में कंपनी को सभी धर्मों और आस्थाओं के प्रति समान व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए। पंडित पवन पाठक ने इसे डेटा फीडिंग और प्रोग्रामिंग से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि यदि किसी विशेष अभिवादन को प्राथमिकता मिल रही है तो कंपनी को इस संबंध में स्पष्टता देनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कथित विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो उपभोक्ताओं से एप्पल उत्पादों के बहिष्कार की अपील की जा सकती है।
मामले को उस समय और बल मिला जब जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी महाराज ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े पदाधिकारियों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने तथा एप्पल से स्पष्टीकरण मांगने की मांग की है। हालांकि, एप्पल की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वॉइस असिस्टेंट विभिन्न भाषाओं, उच्चारणों और पूर्वनिर्धारित डेटा सेट के आधार पर कार्य करते हैं, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तकनीकी स्तर पर स्वतंत्र परीक्षण और सत्यापन आवश्यक है।