तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: 'नोट के बदले वोट' पर चुनाव आयोग का सर्जिकल स्ट्राइक,वोटिंग से पहले रिकॉर्ड ₹1200 करोड़ जब्त

Tamil Nadu Assembly Elections: Election Commission Launches 'Surgical Strike' Against 'Cash-for-Votes'—Record ₹1,200 Crore Seized Ahead of Polling

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के रण में मतदान से ठीक पहले चुनावी मशीनरी ने प्रलोभन देने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। 23 अप्रैल को होने वाली वोटिंग से पहले राज्य भर में ₹1,200 करोड़ से अधिक की नकदी, सोना, शराब और नशीले पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। चुनाव अधिकारियों की इस सख्ती ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, इस विशाल जब्ती में ₹500 करोड़ से अधिक का कैश और कीमती सामान सीधे चुनाव निगरानी टीमों ने पकड़ा है। बाकी की राशि आयकर विभाग और अप्रत्यक्ष कर अधिकारियों जैसी प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की गई स्वतंत्र छापेमारी में बरामद हुई है। जब्त की गई सामग्रियों में भारी मात्रा में शराब, कूपन और फ्रीबीज (मुफ्त उपहार) भी शामिल हैं, जो मतदाताओं को लुभाने के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में बांटने की तैयारी थी। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक जब्ती तिरुवल्लूर जिले में दर्ज की गई है, जिसके बाद राजधानी चेन्नई का नंबर आता है। ये वे इलाके हैं जहां चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा है। चुनावी कानूनों के उल्लंघन और आदर्श आचार संहिता के मामले में अब तक लगभग 100 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। राज्य की कुल 234 विधानसभा सीटों में से 105 को 'व्यय-संवेदनशील' घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में धनबल के इस्तेमाल की सबसे अधिक आशंका है। इसके अलावा, 5,938 मतदान केंद्रों को 'अति-संवेदनशील' श्रेणी में रखा गया है, जहां सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि राज्य में 95% से अधिक 'वोटर इंफॉर्मेशन स्लिप' बांटी जा चुकी हैं। मतदान को समावेशी बनाने के लिए 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए डाक मतपत्र (Postal Ballot) की सुविधा दी गई थी, जिसका उपयोग दो लाख से अधिक मतदाता पहले ही कर चुके हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। प्रशासन का संदेश साफ है लोकतंत्र के उत्सव में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।