नैनीताल जू की सैर पर निकले द होली एकेडमी स्कूल के बच्चे,किताबों से परे जाकर हकीकत में प्रकृति और वन्यजीवन से रूबरू होने का मिला अनोखा अनुभव,
नैनीताल, 13 अप्रैल 2026।
शैक्षणिक गतिविधियों को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने की दिशा में द होली एकेडमी विद्यालय द्वारा इस वर्ष भी छात्रों के लिए शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। सोमवार को विद्यालय के बच्चे और शिक्षिकाएं नैनीताल स्थित गोविंद बल्लभ पंत उच्च ऊंचाई चिड़ियाघर की सैर पर पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न वन्यजीवों और पक्षियों को नजदीक से देखा।

चिड़ियाघर में पहुंचते ही बच्चों का उत्साह देखने लायक था। मोर, पांडा और बाघ जैसे आकर्षक जीवों को देखकर बच्चे खासे रोमांचित नजर आए। शिक्षिकाओं ने बच्चों को वन्यजीवों के बारे में जानकारी देते हुए उनके संरक्षण के महत्व से भी अवगत कराया।

आपको बता दें कि नैनीताल का यह प्रसिद्ध चिड़ियाघर समुद्र तल से लगभग 2100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो इसे देश के चुनिंदा उच्च ऊंचाई वाले जूलॉजिकल पार्कों में शामिल करता है। इसकी स्थापना वर्ष 1984 में की गई थी और यहां हिमालयी क्षेत्र के कई दुर्लभ वन्यजीवों को संरक्षित किया गया है।
इस चिड़ियाघर में बाघ, तेंदुआ, हिमालयी भालू, भेड़िया, घुरड़, काकड़, सियार, बंदर समेत कई प्रजातियों के जानवर और रंग-बिरंगे पक्षी देखे जा सकते हैं। यह स्थान न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
शैक्षिक भ्रमण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस तरह की यात्राएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। किताबों से परे जाकर जब बच्चे प्रकृति और जीव-जंतुओं को प्रत्यक्ष रूप से देखते हैं, तो उनकी समझ और जिज्ञासा दोनों बढ़ती हैं। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी विकसित होती है।
इस दौरान बच्चों ने न सिर्फ प्रकृति के करीब समय बिताया, बल्कि टीमवर्क, अनुशासन और सामाजिक व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण गुणों को भी व्यवहारिक रूप से सीखा। यह शैक्षिक भ्रमण बच्चों के लिए एक यादगार और ज्ञानवर्धक अनुभव साबित हुआ, जिसने उनके सीखने के दायरे को और विस्तृत किया।