साउथैंप्टन में शर्मनाक सरेंडर: इंग्लैंड ने 4-0 से रौंदा, टीम इंडिया से छिना नंबर-1 का ताज, क्या गंभीर पर गिरेगी गाज?

Shameful surrender in Southampton: England crushes India 4-0, Team India stripped of the No. 1 crown—will the axe fall on Gambhir?

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड का दौरा एक बुरे सपने में तब्दील हो गया है। साउथैंप्टन में खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 56 रनों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। इस शर्मनाक हार के साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज पर 4-0 से कब्जा जमा लिया है। सीरीज का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था, जिसके बाद इंग्लिश टीम ने लगातार चार मुकाबलों में भारतीय टीम को हर मोर्चे पर पस्त कर उसकी कमजोरियों को सरेआम उजागर कर दिया। इस सीरीज में मिली करारी शिकस्त की सबसे बड़ी गाज टीम इंडिया की साख पर गिरी है और भारत ने अपनी नंबर-1 टी20 रैंकिंग भी गंवा दी है।

आखिरी टी20 मुकाबले में भी कहानी पुरानी ही रही। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर क्लास लगाई। इंग्लिश कप्तान जोस बटलर और धाकड़ बल्लेबाज हैरी ब्रूक के बीच हुई रिकॉर्ड तोड़ साझेदारी ने मैच को एकतरफा बना दिया। भारतीय गेंदबाज न तो रन गति पर अंकुश लगा पाए और न ही नियमित अंतराल पर विकेट चटका सके। खराब लाइन-लेंथ और दिशाहीन गेंदबाजी का फायदा उठाकर इंग्लैंड ने बोर्ड पर एक विशाल स्कोर टांग दिया, जिसके दबाव में भारतीय टीम मैच की शुरुआत में ही बिखर गई। विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पूरी सीरीज की तरह इस मैच में भी भारतीय बल्लेबाजों में निरंतरता की भारी कमी देखने को मिली। शीर्ष क्रम के सस्ते में पवेलियन लौटने के बाद मध्यक्रम भी दबाव नहीं झेल सका और पूरी टीम निर्धारित ओवरों से पहले ही 56 रन दूर सिमट गई। इस शर्मनाक क्लीन स्वीप के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीतियों पर तीखे सवाल उठने लगे हैं। यह लगातार दूसरी टी20 सीरीज है जो भारत ने गंवाई है, जिससे क्रिकेट गलियारों में खलबली मच गई है। फैंस और खेल विशेषज्ञ अब टीम चयन, खिलाड़ियों के रोटेशन और गंभीर की आक्रामक कोचिंग शैली पर सवाल उठा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि लगातार मिल रही इन हार के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड काफी गंभीर है और जल्द ही इस पर कोई बड़ा एक्शन या समीक्षा बैठक बुलाई जा सकती है। क्या गंभीर के पास आगामी आईसीसी इवेंट्स के लिए कोई ठोस योजना है, या भारतीय क्रिकेट का यह ढलान अभी और जारी रहेगा? इसका जवाब अब बीसीसीआई को तलाशना होगा।