शर्मनाक घटना: क्लास 3 की छात्रा से सरकारी स्कूल में छेड़खानी, आक्रोशित महिलाओं ने शिक्षक को चप्पलों से पीटा

Shameful incident: Class 3 girl molested at government school; enraged women beat the teacher with slippers.

गया। बिहार के गया जिले से गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते को तार-तार करने वाली एक बेहद शर्मनाक और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहां के आमस थाना क्षेत्र स्थित एक सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा की मासूम छात्रा के साथ स्कूल के ही एक शिक्षक ने गंदी हरकत (छेड़खानी) कर डाली। इस घिनौनी करतूत की जानकारी जब बच्ची के परिजनों को हुई, तो पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साई ग्रामीण महिलाओं और परिजनों ने मर्यादा लांघने वाले आरोपी शिक्षक को स्कूल परिसर में ही घेर लिया और चप्पलों से उसकी जमकर धुनाई कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घिनौनी वारदात बीते 8 जुलाई की है, जब स्कूल अवधि के दौरान आरोपी शिक्षक ने तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली इस मासूम बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न (गलत हरकत) किया। डरी-सहमी बच्ची ने जब घर पहुंचकर रोते हुए अपनी मां और परिवार को पूरी आपबीती बताई, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। अगले दिन, यानी 9 जुलाई को न्याय की मांग और गुस्से से उबलते परिजन तथा गांव की दर्जनों महिलाएं सीधे स्कूल धमक पड़ीं। महिलाओं का गुस्सा इस कदर सातवें आसमान पर था कि उन्होंने आरोपी शिक्षक को क्लास रूम से बाहर खींच लिया और बीच स्कूल परिसर में चप्पलों से उसकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। इस दौरान स्कूल में काफी देर तक अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बना रहा। घटना की भनक लगते ही आमस थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और आरोपी शिक्षक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। परिजनों की लिखित तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन उत्पीड़न और सख्त पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आमस के थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने बताया  सरकारी शिक्षक के खिलाफ यौन उत्पीड़न और पॉक्सो एक्ट के तहत संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी शिक्षक को त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहन छानबीन में जुटी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित बच्ची की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और उसका मेडिकल परीक्षण भी करा लिया गया है। पुलिस अदालत में मामले को मजबूत करने के लिए पुख्ता साक्ष्य जुटा रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्कूल परिसरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी दरिंदा किसी मासूम के बचपन को कुचलने की हिम्मत न कर सके।