आस्था के धाम में शर्मनाक बवाल: तृतीय केदार तुंगनाथ में युवकों के बीच जमकर हुई हाथापाई, वायरल वीडियो देख भड़के लोग

Shameful Brawl at a Holy Shrine: Violent Scuffle Erupts Between Youths at Tungnath—the Third Kedar—Sparking Outrage as Video Goes Viral

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग के अंग और तृतीय केदार के रूप में पूजनीय भगवान तुंगनाथ के धाम से एक बेहद विचलित और शर्मनाक करने वाला मामला सामने आया है। देश-दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था के केंद्र तुंगनाथ धाम परिसर में कुछ युवकों के बीच हुए विवाद और उसके बाद हुई हिंसक हाथापाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पवित्र धार्मिक स्थल की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाली इस घटना को लेकर स्थानीय निवासियों, तीर्थ पुरोहितों और बाबा के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश और नाराजगी देखने को मिल रही है।

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा और बहस का विषय बने इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक किसी बात को लेकर आपस में बुरी तरह उलझ रहे हैं। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ जाता है कि दोनों पक्ष मर्यादाओं को भूलकर एक-दूसरे पर लात-घूसे बरसाने लगते हैं और उनके बीच जमकर हाथापाई होती है। इस दौरान घटना स्थल पर मौजूद कुछ अन्य यात्री और स्थानीय लोग बीच-बचाव करने का प्रयास भी करते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन गुस्से में आगबबूला युवक रुकने का नाम नहीं लेते। धार्मिक आस्था के इतने बड़े और संवेदनशील केंद्र में इस तरह की अराजकता की घटना सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग सोशल मीडिया पर वीडियो को शेयर कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, यह वीडियो किस तारीख का है, विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ और इस हुड़दंग में शामिल लोग स्थानीय थे या बाहरी राज्यों से आए पर्यटक, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच की जा रही है। साथ ही घटना स्थल के आस-पास के लोगों से पूछताछ कर कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि जांच के बाद घटना की वास्तविक स्थिति और तथ्यों का पता चलते ही दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, क्योंकि देवभूमि के तीर्थों की शुचिता और मर्यादा से किसी को भी खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।