फर्जी खेल का होगा पर्दाफाश: सीआईडी की बड़ी दबिश! मेडिकल एडमिशन घोटाले की जांच शुरू, डीन दफ्तर में खंगाले जा रहे हैं कागजात

Sham exposed: Major CID raid! Investigation into medical admission scam begins; documents being scrutinized at the Dean's office.

रांची। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज 'रिम्स' से इस वक्त की बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राजधानी रांची के रिम्स में मेडिकल सीट अलॉटमेंट और नामांकन में हुई गंभीर अनियमितताओं की जांच के लिए बुधवार को अपराध अनुसंधान विभाग की एक बड़ी टीम ने अचानक दबिश दी। सीआईडी के आला अधिकारियों और जांचकर्ताओं की इस टीम ने रिम्स के डीन कार्यालय समेत कई महत्वपूर्ण विभागों को अपने घेरे में ले लिया है और दाखिले से जुड़े तमाम संवेदनशील दस्तावेजों व फाइलों को खंगालना शुरू कर दिया है।

 जानकारी के अनुसार,यह हाई-प्रोफाइल कार्रवाई पिछले शैक्षणिक सत्र (वर्ष) में हुए एडमिशन और टेंडर प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर की जा रही है। आरोप है कि पिछले सत्र में नियमों और मेरिट को पूरी तरह ताक पर रखकर, योग्य उम्मीदवारों का हक मारते हुए अयोग्य छात्रों को पिछले दरवाजे से दाखिला दिया गया। शुरुआती जांच में इन शिकायतों को बेहद गंभीर पाते हुए राज्य सरकार ने मामले की गहराई से जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंपा, जिसके बाद बुधवार को यह बड़ी कार्रवाई की गई। इस पूरे मामले पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया को बताया कि रिम्स में एडमिशन के लिए हुई काउंसलिंग में बड़े स्तर पर धांधली और हेरफेर की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। बुधवार दोपहर जैसे ही सीआईडी की गाड़ियां रिम्स परिसर में दाखिल हुईं, पूरे कॉलेज प्रशासन और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीआईडी की टीम ने डीन कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की है और पिछले साल की काउंसलिंग प्रक्रिया, कट-ऑफ लिस्ट और अलॉटमेंट लेटर से जुड़े डिजिटल डेटा और फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया है। सूत्रों की मानें तो इस जांच की आंच रिम्स के कई बड़े अधिकारियों और काउंसलिंग बोर्ड के सदस्यों तक पहुंच सकती है। सीआईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि इस खेल के पीछे कौन सा बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था और इसके लिए कितने रुपयों का लेन-देन हुआ है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे झारखंड के मेडिकल और प्रशासनिक हलके में खलबली मची हुई है।