सीवर टैंक सफाई का हादसा: जहरीली गैस से पिता-पुत्र दोनों की मौत, परिजन रो-रोकर बेबस

Sewer Tank Cleaning Tragedy: Father and Son Both Die from Toxic Gas; Bereaved Family Left Helpless and Distraught

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में सीवर टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक पिता और पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। मंगलवार को कल्याणपुर थाना क्षेत्र के गूबा गार्डन इलाके में हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पहचान जावेद और उनके  पुत्र आकिब के रूप में हुई है। दोनों स्थानीय स्तर पर सीवर टैंक की सफाई का काम करते थे। पुलिस और प्रशासन के अनुसार, जावेद और आकिब टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे। टैंक के भीतर जमा जहरीली गैस (हाइड्रोजन सल्फाइड आदि) का प्रभाव इतना तेज था कि दोनों देखते-ही-देखते बेहोश हो गए। काफी देर तक अंदर से कोई आवाज या हलचल न होने पर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी पुलिस बल, कल्याणपुर के एसीपी आशुतोष यादव, सीएफओ दीपक शर्मा, डीसीपी, फायर ब्रिगेड की टीम और एम्बुलेंस पहुंची। काफी मशक्कत के बाद दोनों को टैंक से बाहर निकाला गया और तुरंत हैलट अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसीपी आशुतोष यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “प्रथम दृष्टया मौत का कारण सीवर टैंक के अंदर मौजूद जहरीली गैस का रिसाव ही है। दोनों बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अंदर उतर गए थे।” पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। यह देखा जाएगा कि सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई। घटना की खबर मिलते ही मृतक परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और रो-रोकर बेबस हो गए। जावेद परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। आकिब युवा था और पिता का हाथ बंटाता था। परिवार वाले बार-बार पूछ रहे हैं कि बिना मास्क, बिना ऑक्सीजन सिलिंडर और बिना सुरक्षा रस्सी के उन्हें अंदर क्यों भेजा गया। यह घटना एक बार फिर सीवर सफाई के दौरान मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। कानपुर जैसे औद्योगिक शहर में सीवर टैंकों में जहरीली गैस जमा होना आम बात है, लेकिन ज्यादातर मामलों में मजदूर बिना किसी आधुनिक उपकरण के काम पर लगाए जाते हैं। मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सीवर सफाई के लिए मैनुअल सफाई पूरी तरह बंद की जाए और रोबोटिक या मशीनीकृत सफाई को अनिवार्य किया जाए। पुलिस ने बताया कि जांच में यह भी देखा जाएगा कि ठेकेदार ने मजदूरों को उचित सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए थे या नहीं। अगर लापरवाही पाई गई तो संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। कई लोगों ने कहा कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता है, कोई ठोस कदम नहीं उठाता। कानपुर नगर निगम के अधिकारियों ने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवार को आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया है, लेकिन परिवार वाले न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।