चर्चित खान फार्म विवाद का पटाक्षेपः कोर्ट के आदेश के बाद सायरा वाड्रा को मिला कब्जा! चार दिन तक गरमाई तराई की सियासत थमी, कांग्रेस ने टाला प्रस्तावित कलेक्ट्रेट कूच

Resolution of the high-profile Khan Farm dispute: Saira Vadra gains possession following a court order! The political heat in the Terai region, which had intensified over four days, has subsided; the

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र स्थित पिपलिया गांव में करीब 10 एकड़ में फैले लगभग 30 करोड़ रुपये मूल्य के चर्चित खान फार्म हाउस विवाद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया। चार दिनों तक राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बने इस मामले में शनिवार देर रात कोर्ट के आदेश के अनुपालन के बाद वसीयत के आधार पर दावा करने वाली सायरा वाड्रा को संपत्ति का कब्जा सौंप दिया गया। वहीं जमीन के दस्तावेज अपने नाम होने का दावा कर रही नसरीन सांगा को फार्म हाउस से लौटना पड़ा। बता दें कि फार्म हाउस के कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही घंटों में राजनीतिक रंग ले बैठा और कांग्रेस तथा भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का कारण बन गया। मामला बीते बुधवार की रात उस समय सुर्खियों में आया, जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की जेठानी सायरा वाड्रा फार्म हाउस पहुंचीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। सायरा वाड्रा ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में नसरीन सांगा फार्म पर कब्जा करने का प्रयास कर रही हैं और उन्हें उनके वैध अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

वाड्रा परिवार का नाम आते ही सियासत हुई तेज
मामले में वाड्रा परिवार का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। देर रात तक कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर धरने पर बैठे रहे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विवाद बढ़ने पर मामला तहसील प्रशासन तक पहुंचा, लेकिन वहां समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद सायरा वाड्रा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और निचली अदालत के आदेश के आधार पर न्यायालय की शरण ली।

हाईकोर्ट ने बरकरार रखा निचली अदालत का आदेश
सायरा वाड्रा के अधिवक्ता ने सिविल कोर्ट के आदेश और संबंधित दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। इसके बाद उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश को यथावत रखते हुए यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के बाद शनिवार शाम सायरा वाड्रा के अधिवक्ता ने प्रेस वार्ता कर दावा किया कि संबंधित संपत्ति पर सायरा वाड्रा का वैध अधिकार है। शनिवार देर शाम सायरा वाड्रा भारी पुलिस सुरक्षा के बीच फार्म हाउस पहुंचीं। पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में उन्होंने पूरे फार्म हाउस का निरीक्षण किया। इसके बाद न्यायालय के आदेश के अनुरूप उन्हें संपत्ति का कब्जा सौंप दिया गया। कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फार्म हाउस पर तैनात अतिरिक्त पुलिस बल को भी हटा लिया गया और सुरक्षा व्यवस्था सामान्य कर दी गई।

कांग्रेस ने टाला प्रस्तावित कलेक्ट्रेट कूच
सायरा वाड्रा को फार्म हाउस का कब्जा मिलने के बाद कांग्रेस ने छह जुलाई को प्रस्तावित कलेक्ट्रेट घेराव और प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने पहले इस मामले को लेकर आत्मदाह तक की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन सायरा वाड्रा को न्याय दिलाने के उद्देश्य से प्रस्तावित था। अब जब न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें संपत्ति का कब्जा मिल गया है, तो आंदोलन की आवश्यकता नहीं रह गई है। विधायक बेहड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन सत्ता के दबाव में दूसरे पक्ष को कब्जा दिलाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन अंततः न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए सायरा वाड्रा को उनका अधिकार मिला।