शर्म आनी चाहिए, मेरी जुबान की कोई वैल्यू नहीं...! रुद्रपुर में मोहन खेड़ा की हिरासत पर भड़के विधायक बेहड़, कोतवाली पहुंचकर दिखाए तल्ख तेवर

It is shameful—my word holds no weight...! MLA Behar was furious over the detention of Mohan Kheda in Rudrapur; he arrived at the Kotwali and displayed a stern, aggressive stance.

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में शुक्रवार को उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब पुलिस ने कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा को एहतियातन हिरासत में ले लिया। मोहन खेड़ा को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ अपने समर्थकों के साथ रुद्रपुर कोतवाली पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। कोतवाली में एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी और एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर की मौजूदगी में विधायक बेहड़ ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उनकी कोतवाल प्रकाश दानू से करीब 23 मिनट तक बातचीत हुई थी और उन्होंने भरोसा दिलाया था कि मोहन खेड़ा किसी तरह की स्थिति पैदा नहीं करेंगे। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान विधायक बेहड़ पुलिस की कार्रवाई से खासे नाराज नजर आए। उन्होंने सख्त लहजे में पुलिस अधिकारियों से कहा, ‘शर्म आनी चाहिए आपको, मेरी जुबान की कोई वैल्यू नहीं है।’ उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पुलिस को भरोसा दिया था कि मोहन खेड़ा कोई गलत कदम नहीं उठाएंगे, तो इसके बावजूद उन्हें हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ी। विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस की यह कार्रवाई किसी के इशारे पर हो रही है और उन्होंने कहा कि यह सब किसके इशारे पर हो रहा है, वह सब जानते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वह राजनीति नहीं करना चाहते हैं और उनका उद्देश्य केवल स्थिति को शांत रखना है।
दरअसल, बीते दिनों सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए अभिषेक वाल्मीकि की गुरुवार को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद उनका शव कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रुद्रपुर लाया गया। अभिषेक की मौत के बाद पहले से ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल था। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। अभिषेक की अंतिम यात्रा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। इसी दौरान एसओजी की टीम ने कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा और रंजीत राणा को एहतियातन हिरासत में ले लिया। मोहन खेड़ा की हिरासत की खबर जैसे ही विधायक तिलक राज बेहड़ तक पहुंची, तो वह कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले को लेकर जवाब मांगा और हिरासत की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।