रामनगर। पूछड़ी में वन विभाग की जमीन से हटाए गए अतिक्रमण मामले को लेकर अब विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है। सोमवार को पीड़ित परिवारों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले रामनगर तहसील परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताते हुए सरकार, वन विभाग और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अतिक्रमण हटाने से पहले प्रशासन को पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक इंतजाम के ही लोगों को बेघर कर दिया गया। संयुक्त संघर्ष समिति ने तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ के कार्यों और संपत्तियों की जांच कराने की मांग की और उन्हें पद से हटाने की मांग उठाई। वहीं स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट की चुप्पी को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बता दें कि रविवार को ग्राम पूछड़ी क्षेत्र में वन भूमि पर बने अवैध अतिक्रमण को हटाया गया था। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस कार्रवाई में कई परिवार बेघर हो गए, जिससे इलाके में भारी नाराजगी फैल गई। आज धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है और वन कानूनों का भी पूरी तरह उल्लंघन किया गया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कुमाऊं कमिश्नर को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
रामनगरः पूछड़ी में अतिक्रमण पर कार्रवाई का मामला! तहसील में गरजे पीड़ित परिवार, सरकार, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
Author:Awaaz Desk
🕒 Last Updated:2025-12-08 16:48:08
पूछड़ी में वन विभाग की जमीन से हटाए गए अतिक्रमण मामले को लेकर अब विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है। सोमवार को पीड़ित परिवारों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले रामनगर तहसील परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

रामनगरः पूछड़ी में अतिक्रमण पर कार्रवाई का मामला! तहसील में गरजे पीड़ित परिवार, सरकार, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी (सांकेतिक तस्वीर)
⚡ख़बरें फटाफट (संक्षेप में)
⏱️ 30-Sec Glance- पूछड़ी में वन विभाग की जमीन से हटाए गए अतिक्रमण मामले को लेकर अब विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है।
- सोमवार को पीड़ित परिवारों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले रामनगर तहसील परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
- इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताते हुए सरकार, वन विभाग और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
- प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अतिक्रमण हटाने से पहले प्रशासन को पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक इंतजाम के ही लोगों को बेघर कर दिया गया।
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