Sep 03, 2026 Login

बड़ी खबरः रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO! ऑपरेशन सिंदूर में रही है अहम भूमिका, जानें किन्हें मिली महासचिव की जिम्मेदारी

Big News: Retired Air Marshal Jitendra Mishra becomes the first CEO of the Ram Mandir Trust! He played a pivotal role in 'Operation Sindoor'; find out who has been entrusted with the responsibility o

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की व्यवस्था में बुधवार को बड़ा बदलाव किया गया। अयोध्या की मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट के महासचिव पद पर भी बदलाव किया गया है। वर्तमान कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी को नया महासचिव बनाया गया है। बैठक में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ आमंत्रित सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक में राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के साथ-साथ ट्रस्ट के कामकाज को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन के मुताबिक, CEO पद के लिए कुल 16 लोगों के इंटरव्यू किए गए थे। चयन प्रक्रिया के बाद तीन नाम अंतिम चरण में पहुंचे थे। इनमें रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज के नाम शामिल थे। चर्चा और चयन प्रक्रिया के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। जितेंद्र मिश्रा अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं। वह भारतीय वायुसेना में चार दशक के करीब लंबी सेवा के बाद 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारी संभाली। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख भी रह चुके हैं। उनके लंबे सैन्य करियर में ऑपरेशनल प्लानिंग, फाइटर ऑपरेशंस, टेस्ट पायलटिंग और रणनीतिक स्तर की जिम्मेदारियां शामिल रही हैं। उनके करियर में कारगिल युद्ध और हालिया ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया गया है। सेवा के दौरान उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) जैसे सैन्य सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। 38 वर्ष से अधिक के अपने सैन्य करियर में उन्होंने फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में चीफ टेस्ट पायलट, दो फ्रंटलाइन एयरबेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग सहित कई अहम पदों पर सेवाएं दीं। इसके अलावा एयर मुख्यालय में ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप के निदेशक, प्रिंसिपल डायरेक्टर (ASR), असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स), ASTE के कमांडेंट और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी उन्होंने काम किया। मौजूदा जिम्मेदारी संभालने से पहले वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ के पद पर कार्यरत थे।

क्यों बदली गई राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था?
राम मंदिर ट्रस्ट में यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब मंदिर की व्यवस्थाओं और दान से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठे थे। मंदिर में बड़े पैमाने पर दान की चोरी के आरोपों के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा को हटाए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव और एक CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। CEO का पद बनाए जाने का उद्देश्य मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित करना और विभिन्न कार्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना बताया जा रहा है। अब इस पद पर रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद ट्रस्ट के कामकाज में नई प्रशासनिक व्यवस्था देखने को मिल सकती है।

गोविंद देव गिरी होंगे नए महासचिव
CEO की नियुक्ति के साथ ही ट्रस्ट के महासचिव पद पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे गोविंद देव गिरी को नया महासचिव बनाया गया है। ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने इसकी पुष्टि की है। गोविंद देव गिरी अब ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। CEO और महासचिव के बीच जिम्मेदारियों के नए स्वरूप के साथ मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवस्थित किए जाने की उम्मीद है।

राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल हुए तीन नए सदस्य
बैठक में ट्रस्ट के तीन नए सदस्यों की नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और निर्मला यादव शामिल हैं। महेश भागचंदका को विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल का रिश्तेदार बताया जाता है। वहीं मदन मोहन पांडेय अयोध्या से और निर्मला यादव शिकोहाबाद से संबंधित हैं। तीन नए सदस्यों के शामिल होने के बाद ट्रस्ट की संरचना में भी बदलाव आया है।