पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमज़ा बुरहान की पीओके में हत्या!अज्ञात हमलावरों ने बरसाईं गोलियां
पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े और भारत सरकार द्वारा UAPA के तहत घोषित आतंकी हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में गोली मारकर हत्या कर दी गई। सूत्रों के अनुसार मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे हमजा बुरहान मुजफ्फराबाद स्थित एक स्कूल के बाहर अपनी गाड़ी से निकला था। इसी दौरान हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में गंभीर रूप से घायल हमजा बुरहान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हालांकि इस हत्या की अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
हमजा बुरहान का असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार बताया जाता है। वह आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था और लंबे समय से आतंकियों की भर्ती तथा नेटवर्क संचालन में सक्रिय माना जाता था। भारत सरकार ने वर्ष 2022 में उसे गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार हमजा बुरहान वर्ष 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की साजिश से भी जुड़ा हुआ था। 14 फरवरी 2019 को हुए इस आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। बाद में जांच में सामने आया कि इस हमले की तैयारी कई महीनों से की जा रही थी और इसमें सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क की बड़ी भूमिका थी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में इस मामले में 19 आरोपियों के नाम सामने आए थे। इनमें कई आतंकियों को सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में मार गिराया। इनमें मोहम्मद उमर फारूक, कारी यासिर, मुदस्सिर खान और सज्जाद भट जैसे आतंकी शामिल थे। ये सभी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे और कश्मीर में सक्रिय थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक हमजा बुरहान उस समय मुजफ्फराबाद स्थित अब्बास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में प्रिंसिपल के पद पर तैनात था। उस पर आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता देने, भर्ती कराने और आतंकी गतिविधियों के समन्वय का आरोप था। बताया जाता है कि वह वर्ष 2015 से पाकिस्तान में रह रहा था।
पुलवामा हमले के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था। उन पर आतंकियों को पनाह देने, हथियार और विस्फोटक उपलब्ध कराने तथा हमले की योजना में सहयोग करने के आरोप लगे थे। वहीं इस मामले में अब भी जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, रऊफ असगर, अम्मार अल्वी और आशिक अहमद नेंग्रू समेत कई आरोपी फरार बताए जाते हैं। भारतीय एजेंसियों के अनुसार ये सभी पाकिस्तान में छिपे हुए हैं।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकियों और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े लोगों पर रहस्यमय हमले हुए हैं। कई मामलों में अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या की घटनाएं सामने आई हैं। हमजा बुरहान की हत्या को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।