गिद्धौर में जुटे दिग्गजों के कदम: पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की 16वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, सीएम-मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
जमुई। जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत नयागांव स्थित नागी-नकटी कटहरा नदी तट पर बुधवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला। मौका था पूर्व केंद्रीय मंत्री और बांका के पूर्व सांसद स्वर्गीय दिग्विजय सिंह (दादा) की 16वीं पुण्यतिथि का, जिसे पूरे श्रद्धा, सम्मान और राजकीय गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य श्रद्धांजलि सभा में बिहार सरकार के मुखिया (मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री), कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक और स्वर्गीय दिग्विजय सिंह के हजारों समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरा माहौल "दादा अमर रहें" के नारों और संस्मरणों से भावुक हो उठा।
कार्यक्रम के दौरान राज्य के शीर्ष राजनेताओं और गणमान्य लोगों ने स्वर्गीय दिग्विजय सिंह के समाधि स्थल पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने 'दादा' के गौरवशाली राजनीतिक जीवन, बेदाग छवि, जनसेवा और बिहार की प्रगति में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। नेताओं ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हमेशा क्षेत्र के विकास और गरीब जनता की आवाज को संसद तक पहुँचाने का काम किया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस उच्च स्तरीय श्रद्धांजलि सभा में बिहार सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल, परिवहन मंत्री दामोदर रावत तथा जमुई के नवनिर्वाचित सांसद अरुण भारती सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस भावुक क्षण के दौरान स्वर्गीय दिग्विजय सिंह की धर्मपत्नी व पूर्व सांसद पुतुल कुमारी तथा उनकी सुपुत्री और बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह भी मंच पर मौजूद रहीं। दोनों ने हाथ जोड़कर उपस्थित जनसैलाब का अभिवादन स्वीकार किया। मंत्री श्रेयसी सिंह ने भावुक स्वर में अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने और उनके दिखाए आदर्शों व जनसेवा की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का दृढ़ संकल्प दोहराया। इतने बड़े वीआईपी मूवमेंट और भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा की चौबंद व्यवस्था की गई थी। समारोह स्थल के मुख्य प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे और हर आने-जाने वाले की सघन जांच की जा रही थी। पूरे परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। सुबह से ही नागी-नकटी कटहरा नदी तट पर लोगों का तांता लगना शुरू हो गया था। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जमुई के जिलाधिकारी (डीएम) नवीन और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल खुद दल-बल के साथ मौके पर डटे रहे और हर छोटी-बड़ी व्यवस्था की पल-पल की निगरानी करते दिखे। इस पुण्यतिथि समारोह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दिग्विजय सिंह भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जनता के दिलों में उनकी जगह आज भी बरकरार है।