दिल्ली में SIR पर सियासी संग्रामः राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के नेताओं का सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च! सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की रिट याचिका
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है। सोमवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च शुरू किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज करा रहे हैं। इस बीच राहुल गांधी की याचिका सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर आधिकारिक रूप से रजिस्टर हो गई है। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। इसमें 11 विपक्षी नेताओं को याचिकाकर्ता बनाया गया है। इनमें राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, माकपा के एम. ए. बेबी, भाकपा के डी. राजा, झामुमो की महुआ माजी, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ई. टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
याचिका में भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाया गया है। विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। दिल्ली में आयोजित पैदल मार्च में राहुल गांधी के साथ INDIA ब्लॉक के कई नेता शामिल हुए। इनमें राजद नेता तेजस्वी यादव और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार समेत अन्य विपक्षी नेताओं की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी मार्च में शामिल हुए। देश के अलग-अलग हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ता भी दिल्ली पहुंचे हैं। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के सांसदों के आवेदन को स्वीकार नहीं किया। इसके बावजूद विपक्षी नेताओं ने अपना विरोध जारी रखा। राहुल गांधी ने कहा कि वे और INDIA ब्लॉक के सांसद इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख कर रहे हैं। उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आशुतोष रांका और सौरव दास ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख तय करने की मांग की। पार्टी ने कहा है कि यदि पुलिस ने तारीख नहीं दी तो वह दोबारा प्रदर्शन का आह्वान करेगी। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि विरोध करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक अधिकारियों का कथित दुरुपयोग निंदनीय है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर भी टिप्पणी की।