इंडोनेशिया और रोमानिया में पिथौरागढ़ की बेटियों का डंका: निकिता, काजल और आरती ने अंतरराष्ट्रीय रिंग में जीता मेडल,सीएम धामी ने किया सम्मानित

Pithoragarh's daughters shine in Indonesia and Romania: Nikita, Kajal, and Aarti win medals in the international ring; CM Dhami honors them.

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर लगातार नई मिसाल कायम कर रही हैं। सीमांत जिले पिथौरागढ़ की तीन होनहार महिला मुक्केबाजों निकिता चंद, काजल फर्स्वाण और आरती धारियाल ने अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर भारत और उत्तराखंड का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। बेटियों की इस ऐतिहासिक कामयाबी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार (21 जुलाई) को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में उन्हें और उनके कोचों को विशेष रूप से सम्मानित किया।

इंडोनेशिया के जकार्ता में 3 से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पिथौरागढ़ की दो धाकड़ मुक्केबाजों ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया। 60 किलोग्राम भार वर्ग में जबरदस्त रिंग प्रेजेंटेशन दिखाते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया। 65 किलोग्राम भार वर्ग में अपनी मुक्केबाजी का हुनर दिखाते हुए देश की झोली में रजत पदक डाला। दूसरी ओर, 12 से 16 जुलाई 2026 तक रोमानिया में आयोजित गोल्ड बेल्ट बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पिथौरागढ़ की आरती धारियाल ने 54 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय तिरंगा लहराया। इन तीनों मुक्केबाजों की सफलता के पीछे सालों की कड़ी मेहनत और कोचों का मार्गदर्शन रहा है।  निकिता कोई नया नाम नहीं हैं, वे इससे पहले 2021, 2022 और 2023 में एशियन चैंपियनशिप में लगातार गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। वर्तमान में वे कोच बृजेंद्र मल और भास्कर भट्ट की देखरेख में ट्रेनिंग ले रही हैं। पिथौरागढ़ के स्पोर्ट्स हॉस्टल (सुनीता मेहता रावत व कप्तान देवीचंद के मार्गदर्शन) और स्मॉल खेलो इंडिया सेंटर (कोच निखिल महर) से शुरुआत करने वाली काजल रोहतक एनबीए के बाद अब पटियाला स्थित राष्ट्रीय महिला बॉक्सिंग कैंप का हिस्सा हैं। काजल राष्ट्रीय खेल 2025 और एशियन चैंपियनशिप में पहले भी पदक अपने नाम कर चुकी हैं। आरती धारियाल (गौरीहाट, पिथौरागढ़): राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कांस्य पदक जीत चुकी आरती ने रोमानिया में गोल्ड जीतकर खुद को साबित किया है। स्मॉल खेलो इंडिया सेंटर में निखिल महर से ट्रेनिंग लेने के बाद आरती का चयन भी अब पटियाला के नेशनल कैंप में हो चुका है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों बृजेंद्र मल और ललित कुंवर को भी सम्मानित किया। सीएम ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता में उसकी अपनी मेहनत के साथ-साथ उसके कोच के सही मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग की सबसे अहम भूमिका होती है। इस दौरान सीएम धामी ने कहा उत्तराखंड की बेटियों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प से देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। निकिता, काजल और आरती की ये उपलब्धियां साबित करती हैं कि हमारी बेटियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। राज्य सरकार हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को विश्वस्तरीय सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार की नई खेल नीतियों और खेल सुविधाओं के विस्तार का ही नतीजा है कि सीमांत क्षेत्रों से निकलकर प्रतिभाएं राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रही हैं। खेल विभाग द्वारा संचालित खेलो इंडिया सेंटरों और आवासीय हॉस्टलों से तराशी जा रही ये प्रतिभाएं आने वाले ओलंपिक और एशियन गेम्स के लिए भारत की मजबूत दावेदार बनकर उभर रही हैं।