नैनीताल में पार्किंग महंगी! ₹500 शुल्क पर 18% GST जोड़ने का विरोध, पर्यटकों को राहत देने की मांग

Parking Gets Costlier in Nainital! Opposition Mounts Against 18% GST Levy on ₹500 Fee; Demand Raised for Relief to Tourists.

नैनीताल: 

उत्तराखंड की पर्यटन नगरी नैनीताल में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किए गए कार पार्किंग शुल्क को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका द्वारा पार्किंग शुल्क ₹500 निर्धारित किए जाने के बाद अब इस पर 18% जीएसटी जोड़ने का मुद्दा सामने आया है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इस मामले में ठाकुर जी एंटरप्राइजेज के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह बोरा ने नगर पालिका परिषद नैनीताल के अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजकर नियम में संशोधन की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि ₹500 के निर्धारित शुल्क पर 18% जीएसटी अलग से वसूला जाता है, तो कुल शुल्क ₹590 हो जाएगा, जो पर्यटकों के लिए महंगा साबित हो सकता है।
प्रदीप सिंह बोरा ने अपने पत्र में कहा है कि पहले से ही ₹500 का पार्किंग शुल्क काफी अधिक है, ऐसे में जीएसटी जोड़ने से यह राशि और बढ़ जाएगी। उनका तर्क है कि इससे न केवल पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है, बल्कि नैनीताल के ऑफ-सीजन व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
उन्होंने नगर पालिका से आग्रह किया है कि पार्किंग शुल्क ₹500 में ही जीएसटी को समाहित किया जाए, ताकि पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को अतिरिक्त भुगतान से राहत मिल सके।


गौरतलब है कि नैनीताल नगर पालिका परिषद ने हाल ही में शहर में पार्किंग और टोल संग्रह के लिए नई निविदाएं जारी की हैं। बढ़ती पर्यटक भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से शुल्क में वृद्धि की गई थी, लेकिन अब जीएसटी के अतिरिक्त भार को लेकर स्थानीय ठेकेदारों और व्यापारियों में असंतोष देखने को मिल रहा है।