मानसून सत्र से पहले विपक्ष की घेराबंदी: सोनिया गांधी के घर जुटेगा कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व, परिसीमन और 'एक देश-एक चुनाव' पर टकराव के आसार

Opposition gears up ahead of Monsoon Session: Top Congress leadership to meet at Sonia Gandhi's residence; likely confrontation over delimitation and 'One Nation, One Election'.

नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र के आगाज से पहले देश में सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। केंद्र सरकार को विधायी कार्यों और प्रमुख विधेयकों पर घेरने के लिए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी कमर कस ली है। कांग्रेस अपनी संसदीय रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक करने जा रही है। यह रणनीतिक बैठक देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के 10 जनपथ स्थित आवास पर आयोजित होगी। इस अहम बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता, मुख्य सचेतक और रणनीतिकार एक मंच पर जुटेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा संसद के भीतर और बाहर मोदी सरकार को किन ज्वलंत मुद्दों पर बैकफुट पर लाना है, उसकी मुकम्मल पटकथा तैयार करना है। इसके साथ ही 'इंडिया' गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के साथ समन्वय और जनता से जुड़े विभिन्न राजनीतिक व राष्ट्रीय मुद्दों पर भी व्यापक मंथन किया जाएगा।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, संसद का यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। करीब 25 दिनों तक चलने वाले इस सत्र के दौरान कुल 19 बैठकें (सिटिंग्स) प्रस्तावित हैं, जिसमें कई राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा, तीखी बहस और विधायी कार्य संपन्न होने हैं। विपक्ष इस सत्र को हंगामेदार बनाने और सरकार से हर मोर्चे पर जवाब मांगने की पूरी तैयारी में है।इस सत्र में केंद्र सरकार कई ऐसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सीधा टकराव होना तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस बार परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक, महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक संशोधन और देश में एक साथ चुनाव कराने यानी 'वन नेशन, वन इलेक्शन' से जुड़े प्रस्तावों को सदन के पटल पर रख सकती है।सोनिया गांधी के आवास पर होने वाली इस बैठक में विशेष रूप से प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर कांग्रेस अपना रुख स्पष्ट करेगी। पार्टी इस बात की रणनीति बनाएगी कि इन बड़े संवैधानिक बदलावों वाले विधेयकों पर पूरे विपक्ष को कैसे एकजुट रखा जाए, ताकि सदन के भीतर सरकार के सामने एक मजबूत और अभेद्य दीवार खड़ी की जा सके।