Sep 11, 2026 Login

हाय रे सियासतः ताकते रह गए दर्जामंत्री उत्तम दत्ता, स्वागत मंच पर नहीं रूका भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का काफिला! रुद्रपुर में बंगाली समाज की ‘उपेक्षा’ पर चढ़ा तराई का तापमान! वायरल वीडियो से मचा बवाल

Oh, the politics of it all! Minister of State Uttam Datta was left merely watching as the BJP National President’s convoy didn't even stop at the welcome stage. Tensions are running high in the Tarai

रुद्रपुर। ‘पंजाबी गौरव सम्मेलन’ के दौरान रुद्रपुर की सड़कों पर सजा स्वागत का मंच अब भाजपा के लिए राजनीतिक बहस की वजह बन गया है। प्रदेश सरकार में दर्जा राज्य मंत्री उत्तम दत्ता द्वारा लगाए गए स्वागत मंच के सामने से भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का काफिला बिना रुके गुजर गया। गाड़ी की गति धीमी होने के बावजूद न तो वाहन रुका और न ही बार-बार खटखटाने पर शीशा ही खोला गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘बंगाली समाज का अपमान’ करार दिया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने आगामी चुनावों से ठीक पहले क्षेत्रीय व सामाजिक संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह इस अनदेखी से फीका पड़ा हुआ है, वहीं मामले ने तब और अधिक तूल पकड़ लिया, जब इस घटना की तुलना उसी दौरे के एक अन्य कार्यक्रम से की जाने लगी। मुस्लिम समाज से आने वालीं दर्जा राज्य मंत्री फरजाना बेगम द्वारा लगाए गए स्वागत मंच पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का काफिला न केवल रुका, बल्कि स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका परिचय कराकर गर्मजोशी से स्वागत स्वीकार किया। दोनों मंचों के अलग-अलग वीडियो जब एक साथ सोशल मीडिया पर तैरने लगे, तो बंगाली समाज ने इसे स्पष्ट ‘उपेक्षा और भेदभाव’ करार दिया। आगामी चुनावों से ठीक पहले इस तरह का विरोधाभास पार्टी के आंतरिक और सामाजिक संतुलन पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो तराई अंचल में बंगाली और अन्य समुदायों की जनसांख्यिकी को देखते हुए यह अनदेखी भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित हो सकती है। फिलहाल, वायरल वीडियो और उपेक्षा के आरोपों ने रुद्रपुर के सियासी तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है। उधर दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ताओं और बंगाली समुदाय में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। मौके को भुनाने में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी पीछे नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को हथियार बनाकर सत्तारूढ़ भाजपा को आड़े हाथों लिया है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा जनप्रतिनिधियों और विभिन्न समाजों का केवल इस्तेमाल करती है, लेकिन सम्मान देने के नाम पर उनका रवैया उपेक्षापूर्ण रहता है। फिलहाल, इस वायरल वीडियो ने रुद्रपुर के राजनीतिक तापमान को एकाएक बढ़ा दिया है।