नीट री-एग्जामः कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा संपन्न! लगभग 22.79 लाख अभ्यर्थियों ने दिया पेपर, अब रिजल्ट और काउंसलिंग पर नजर

NEET Re-exam: Exam concludes amidst tight security! Approximately 22.79 lakh candidates took the test; all eyes now on the results and counseling.

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों और सख्त निगरानी के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। देशभर के हजारों परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में लगभग 22.79 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया। पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करना राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था, जिसे प्रशासन ने सफलतापूर्वक पूरा किया। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल मॉनिटरिंग और अन्य सुरक्षा उपायों को लागू किया गया था। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा देशभर में शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और कहीं से किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। इस बार परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया गया था। अभ्यर्थियों की एंट्री से पहले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया गया। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी प्रकार की नकल, पेपर लीक या अन्य अनियमितताओं की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों ने समन्वय बनाकर परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अब आंसर की और रिजल्ट का इंतजार
परीक्षा समाप्त होने के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा जारी की जाने वाली प्रोविजनल आंसर की पर टिकी हैं। एनटीए पहले अस्थायी उत्तर कुंजी जारी करेगा, जिसके बाद उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी भी प्रश्न या उत्तर पर आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। विशेषज्ञों द्वारा सभी आपत्तियों की समीक्षा किए जाने के बाद अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की जाएगी। फाइनल आंसर की के आधार पर ही NEET-UG 2026 का परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होगा।

काउंसलिंग के जरिए मिलेगा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश
रिजल्ट जारी होने के बाद देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की सीटों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। अभ्यर्थियों की रैंक, पसंद और उपलब्ध सीटों के आधार पर उन्हें विभिन्न मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा। लाखों छात्रों का भविष्य अब आगामी रिजल्ट और काउंसलिंग प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

सृष्टि दुबे बनीं हौसले की मिसाल
इस बार की परीक्षा में कोलकाता की छात्रा सृष्टि दुबे ने अपने अदम्य साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। गंभीर सड़क हादसे और बड़ी सर्जरी से गुजरने के बावजूद सृष्टि ने हार नहीं मानी और परीक्षा में शामिल हुईं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के हस्तक्षेप के बाद उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई। परीक्षा केंद्र पर उनके लिए अलग कमरा, मेडिकल स्टाफ और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई थी ताकि वे सुरक्षित वातावरण में परीक्षा दे सकें। सृष्टि की कहानी लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।