Sep 16, 2026 Login

राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस: 'सपनों को हकीकत में बदलते हैं', पीएम मोदी ने भारत रत्न विश्वेश्वरैया को दी श्रद्धांजलि

National Engineers' Day: 'Turning dreams into reality' – PM Modi pays tribute to Bharat Ratna Visvesvaraya.

नई दिल्ली। देशभर में 15 सितंबर को 'राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस' के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान भारतीय इंजीनियर और राजनेता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को नमन किया। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण, नवाचार (इनोवेशन) और जटिल समस्याओं के समाधान में जुटे सभी इंजीनियरों के अमूल्य योगदान की सराहना की और उन्हें देश की प्रगति का 'कर्मयोगी' बताया।

राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान भारतीय इंजीनियर और राजनेता भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देशभर के इंजीनियरों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इंजीनियर केवल मशीनों और तकनीक का निर्माण नहीं करते, बल्कि वे देश के बेहतर भविष्य की नींव रखने वाले कर्मयोगी हैं, जो सपनों और आकांक्षाओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने का काम करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर इंजीनियर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए विश्वेश्वरैया के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के इंजीनियर बेहतर कल के लिए निर्माण करते हैं, नई चीजें विकसित करते हैं और जटिल समस्याओं के समाधान तलाशते हैं। उनकी इंजीनियरिंग प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण की सोच आज भी देश की नई पीढ़ी को प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक वीडियो भी साझा किया। इसमें उन्होंने भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और देश के विकास में इंजीनियरों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इंजीनियर केवल मशीनें बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ऐसे कर्मयोगी हैं जो असंभव दिखाई देने वाले सपनों को भी साकार करने का प्रयास करते हैं। मोदी ने कहा कि भारत की गौरवशाली इंजीनियरिंग परंपरा में ऐसे अनेक महान इंजीनियर हुए हैं, जिन्होंने अकल्पनीय को कल्पनीय बनाया और ऐसे कार्य किए जिन्हें इंजीनियरिंग की दुनिया में मिसाल माना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी महान इंजीनियरिंग विरासत पर गर्व है और विश्वेश्वरैया इस विरासत के अनमोल रत्न हैं। प्रधानमंत्री ने भारत रत्न डॉ. एम. विश्वेश्वरैया के योगदान का विशेष रूप से उल्लेख किया। 15 सितंबर 1861 को जन्मे विश्वेश्वरैया को आधुनिक भारत के महान इंजीनियरों में गिना जाता है। उन्हें आधुनिक मैसूर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भी याद किया जाता है। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, जल प्रबंधन और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाओं में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। मैसूर में कृष्ण राजा सागर बांध के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी जटिल प्रणालियों के विकास और क्रियान्वयन में भी उन्होंने अहम योगदान दिया। इंजीनियरिंग के साथ-साथ प्रशासन और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें देश के लिए प्रेरणास्रोत बनाया। उनके असाधारण योगदान और सेवाओं को देखते हुए वर्ष 1955 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। देश में प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस मनाया जाता है। यह दिन विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में इंजीनियरिंग क्षेत्र के योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। भारत सरकार ने इंजीनियरिंग और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 1968 में 15 सितंबर को राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे के रूप में आधिकारिक मान्यता दी। आज भारत तकनीक, बुनियादी ढांचे, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा और विनिर्माण समेत अनेक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री का संदेश इंजीनियरों की भूमिका को केवल तकनीकी विशेषज्ञ तक सीमित न रखते हुए देश के विकास और भविष्य निर्माण से जोड़ता है। राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस पर विश्वेश्वरैया को नमन करते हुए देश ने एक बार फिर इंजीनियरिंग प्रतिभा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सम्मान दिया।