Sep 16, 2026 Login

आशीर्वाद का दीयाः प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर घर-घर दीये जलाने की अपील पर घिरी भाजपा! विपक्ष का तंज- मोदी जी ने कहा था ‘तेल कम खाइए’, अब उनके बॉस कह रहे हैं ‘दीये जलाइए’

The 'Lamp of Blessings': BJP faces flak over the appeal to light lamps in every household on Prime Minister Modi's birthday! Opposition's jibe: Modi ji had said 'consume less oil', but now his boss i

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में विशेष कार्यक्रमों की तैयारी की है, लेकिन जन्मदिन पर घर-घर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील ने राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने देशवासियों से 17 सितंबर की शाम 6 से 7 बजे के बीच अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने और प्रधानमंत्री की लंबी उम्र व अच्छे स्वास्थ्य की कामना करने की अपील की है। भाजपा के मुताबिक यह पहल प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने और ‘सेवा से संकल्प’ की भावना को रेखांकित करने वाले महीने भर के कार्यक्रम का हिस्सा है। भाजपा की इस अपील पर विपक्ष ने सवाल उठाते हुए इसे जनता के सामने मौजूद वास्तविक मुद्दों से जोड़ दिया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान की आलोचना करते हुए कहा कि जब बिहार बाढ़ की स्थिति से जूझ रहा है, परिवार महंगाई का सामना कर रहे हैं और युवाओं के सामने रोजगार की चुनौती है, तब प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीये जलाने की अपील को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। दुबे ने इसे जनता को प्रभावित करने वाले मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश बताया है। कांग्रेस नेता ने खाद्य तेल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूर्व की अपील का भी संदर्भ दिया। उनका तर्क है कि जब परिवारों के लिए रसोई का खर्च संभालना चुनौती बना हुआ है, तब लोगों से दीये जलाने की अपील कितनी प्रासंगिक है, इस पर चर्चा होनी चाहिए। दुबे ने कहा कि महंगाई से परेशान परिवारों को दिखावटी जश्न के बजाय सस्ती जरूरी वस्तुएं, रोजगार, बच्चों की शिक्षा और आर्थिक राहत की जरूरत है। उन्होंने बिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद को भी प्राथमिकता देने की मांग की। बता दें कि कुछ माह पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से तेल का उपयोग कम करने की अपील की थी। विगत मई माह में तेलंगाना के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 साल तक सोने के गहने नहीं खरीदने और कम तेल खाने की अपील की थी। उस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि तेल खाना कम करें, तो वो भी देश भक्ति है। अब ऐसे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन के बयान से सियासत गरमाती नजर आ रही है। 

25 साल की राजनीतिक यात्रा पर फोकस
भाजपा की ओर से ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से भी जोड़ा गया है। भाजपा के अनुसार 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और 7 अक्टूबर 2026 को उनके सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होंगे। इसी क्रम में भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने जा रही है। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को रक्तदान शिविरों से होगी। इसके बाद शाम को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम रखा गया है। भाजपा के मुताबिक इस पहल के जरिए प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामना और आभार व्यक्त करने का संदेश दिया जाएगा। अभियान के दौरान स्वच्छता कार्यक्रम, पदयात्रा, बाइक रैली, युवाओं से जुड़े कार्यक्रम और अन्य सेवा गतिविधियां आयोजित करने की योजना है।

बिहार बाढ़ के बीच उठे सवाल
इस पूरे अभियान को लेकर बिहार का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है। विपक्ष का कहना है कि राज्य के कई हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं और ऐसे समय में सरकार तथा भाजपा के राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ राहत एवं पुनर्वास पर भी प्राथमिकता से ध्यान दिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता आलोक कुमार दुबे ने इसी संदर्भ में सवाल उठाते हुए कहा कि आम परिवारों के सामने रसोई, रोजगार और रोजमर्रा के खर्च की चिंताएं हैं। दुबे ने अपने बयान में कहा कि लोगों को ‘दिखावटी रोशनी’ से ज्यादा अपने घरों में वास्तविक राहत और स्थिरता की जरूरत है। उन्होंने महंगाई से राहत, रोजगार, किसानों और गरीब परिवारों के लिए सहायता तथा आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता देने की मांग की।

सोशल मीडिया पर भी बहस
भाजपा की ‘आशीर्वाद का दीया’ अपील के बाद सोशल मीडिया पर भी इस अभियान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आलोचक इसे प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व के अत्यधिक महिमामंडन से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थक इसे प्रधानमंत्री के प्रति शुभकामना और उनके 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन के सम्मान के रूप में देख रहे हैं।