BRICS Summit: शी जिनपिंग का बड़ा संदेश! मिडिल ईस्ट में जंग से बचना होगा, एक फ्रेम में दिखे दुनिया के दिग्गज नेता! खिंचवाई फैमिली फोटो
नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में शनिवार और रविवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक शांति, सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर मंथन हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हो रहे इस बड़े वैश्विक आयोजन में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के साथ सहयोगी और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत ईरान, दक्षिण अफ्रीका और मिस्र के राष्ट्राध्यक्षों सहित कई प्रमुख वैश्विक नेता सम्मेलन में मौजूद हैं। भारत की अध्यक्षता में इस वर्ष BRICS समिट की थीम ‘Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ रखी गई है। यह थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Humanity First’ दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें वैश्विक चुनौतियों के बीच मानवता, सहयोग और सतत विकास को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया है।
BRICS समिट के मंच से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट और गल्फ क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में युद्ध से बचना जरूरी है। शी जिनपिंग के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने क्षेत्र के लोगों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हित में नहीं है। चीनी राष्ट्रपति ने BRICS देशों से वैश्विक शांति और स्थिरता बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि BRICS को दुनिया में शांति और स्थिरता कायम करने के प्रयासों में आगे रहना चाहिए। साथ ही वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर BRICS सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत बताई। शी जिनपिंग ने BRICS देशों से वैश्विक परिस्थितियों के बीच इतिहास के ‘सही पक्ष’ में मजबूती से खड़े रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में BRICS की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है और सदस्य देशों को वैश्विक मुद्दों पर आपसी समन्वय एवं सहयोग बढ़ाना चाहिए।
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन BRICS के अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर मिडिल ईस्ट और गल्फ क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम करने में अपनी भूमिका निभाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्रीय संघर्ष का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक शांति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। BRICS के मंच से आए इस संदेश को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यूक्रेन और मिडिल ईस्ट में जारी संघर्षों के बीच दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में BRICS जैसे बहुपक्षीय मंच से शांति, संवाद और सहयोग की अपील को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
2027 में चीन संभालेगा BRICS की अध्यक्षता
नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान शी जिनपिंग ने यह भी ऐलान किया कि चीन वर्ष 2027 में BRICS की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इससे BRICS की आगामी दिशा को लेकर चीन की भूमिका भी स्पष्ट हुई है। मौजूदा शिखर सम्मेलन में वैश्विक संघर्षों के अलावा अंतरराष्ट्रीय गवर्नेंस, आर्थिक सहयोग, विकास और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है। BRICS को विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
भारत मंडपम में नेताओं ने किया पौधारोपण
BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की मेजबानी की झलक भी देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BRICS देशों के नेताओं ने नई दिल्ली के भारत मंडपम परिसर के बाहर लॉन में संयुक्त रूप से पौधारोपण किया। इस पहल के जरिए पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस वर्ष के सम्मेलन की थीम भी पर्यावरण, सतत विकास, नवाचार और सहयोग से जुड़ी व्यापक प्राथमिकताओं को दर्शाती है। भारत ने अपनी BRICS अध्यक्षता के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कई बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिनका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना रहा है।