Oct 06, 2026 Login
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वोट चोरी’ पर विपक्ष का हल्लाबोल: 140 से अधिक सांसदों का संसद से सड़क तक मार्च,धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका

Opposition up in arms over ‘vote theft’: Over 140 MPs march from Parliament to the streets; Rahul and Priyanka stage a sit-in.

नई दिल्ली। एसआईआर प्रक्रिया में कथित धांधली और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ 'इंडिया' गठबंधन के 140 से अधिक सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन तक जोरदार विरोध मार्च निकाला। सुरक्षा बलों द्वारा रास्ते रोकने के बाद लुटियंस दिल्ली में भारी हंगामा देखने को मिला, जिसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ ब्रायन समेत विपक्ष के कई बड़े नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मार्च के दौरान राहुल गांधी ने आकाशवाणी भवन के रास्ते से चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल निर्वाचन सदन से मात्र 200 मीटर की दूरी पर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी आकाशवाणी भवन के मुख्य द्वार पर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर मंगलवार को दिल्ली में विपक्षी इण्डिया गठबंधन ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद संसद परिसर से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च करते हुए निकले। पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रास्ते में रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शन ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब राहुल गांधी समेत कई नेता पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए। राहुल गांधी हाथ में तिरंगा लेकर बैरिकेड पर खड़े दिखाई दिए और प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ के नारे लगाए। मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर की ओर बढ़े थे। बाद में हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा कर दिया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड से दूर रहने और प्रतिबंधित क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ने की चेतावनी दी। विपक्षी सांसदों का यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव और SIR की प्रक्रिया से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाता अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। पुलिस ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। संसद मार्ग, पंत मार्ग, गोल डाकखाना, बाबा खड़क सिंह मार्ग, अशोक रोड और आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई। रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी तैनात रहे। पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए प्रतिबंधित आदेशों की जानकारी देते हुए भीड़ एकत्र करने, प्रदर्शन करने और पुलिस के काम में बाधा डालने से बचने की चेतावनी दी। मार्च के कारण मध्य दिल्ली के कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी बैरिकेड पार करने की कोशिश की। सांसद जिया-उर-रहमान बर्क समेत अन्य नेता चुनाव आयोग की ओर बढ़ने का प्रयास करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर बैरिकेडिंग को लेकर तनाव की स्थिति बनी रही। इस बीच कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने SIR से जुड़े फॉर्म-6 को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि फॉर्म-6 में अतिरिक्त घोषणा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चिदंबरम ने चुनाव आयोग से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग की। हालांकि, फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग का पक्ष भी सामने आया है। आयोग ने कहा है कि फॉर्म-6 में मूल रूप से बदलाव नहीं किया गया, बल्कि एसआईआर से संबंधित अतिरिक्त घोषणा-पत्र की व्यवस्था की गई थी। इसी मुद्दे को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस जारी है। वोट चोरी’ और एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के प्रदर्शन ने दिल्ली की राजनीति को गरमा दिया है। निर्वाचन आयोग तक पहुंचने की कोशिश, बैरिकेड पर चढ़ते नेता और हिरासत की कार्रवाई के बीच विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा फिर केंद्र में ला दिया है।