नैनीतालः नगर पालिका की बैठक में जबरदस्त हंगामा! सभासदों और ईओ रोहिताश शर्मा के बीच तीखी बहस, ब्लैकमेलिंग के आरोपों के बीच बैठक छोड़कर निकले ईओ! सामने आई देहरादून तबादले की मांग वाली चिट्ठी

Nainital: Uproar at the municipal council meeting! A heated exchange took place between councilors and Executive Officer (EO) Rohitash Sharma; the EO walked out amidst allegations of blackmail. A let

नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका में आज उस समय खासा हंगामा हो गया, जब सभासदों ने दोपहिया वाहनों के टोल टैक्स टेंडर समेत तमाम मुद्दों पर सवाल उठाए। इस दौरान ईओ और नगर पालिका अध्यक्ष के स्पष्टीकरण से नाराज सभासदों ने जोरदार हंगामा किया। देखते ही देखते माहौल गहमा-गहमी में बदल गया और ईओ रोहिताश शर्मा भड़क गए। उन्होंने कुछ लोगों पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाते हुए अपनी बात रखी। इस दौरान सभासदों और ईओ के बीच जोरदार बहस हुई, जिसके बाद ईओ ने समस्त कर्मचारियों से बैठक से उठने की बात कही और बैठक छोड़कर चले गए। इस दौरान कुछ देर के लिए स्थिति हंगामेदार बनी रही। 
इधर इस घटनाक्रम के बाद ईओ रोहिताश शर्मा द्वारा 29 जून 2026 को स्थानांतरण के लिए शहरी विकास विभाग के सचिव को लिखा पत्र सामने आया है। पत्र में नगर पालिका परिषद नैनीताल के अधिशासी अधिकारी ने स्वास्थ्य और पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए अपना स्थानांतरण देहरादून किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि नैनीताल का ठंडा मौसम उनके स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है, जिससे शासकीय कार्यों के निर्वहन में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि 14 मई 2025 को उनका स्थानांतरण सहायक निदेशक, शहरी विकास निदेशालय देहरादून से नगर पालिका परिषद नैनीताल में किया गया था। उन्होंने बताया कि पहले से ही उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था और नैनीताल का मौसम इसे और अधिक प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा उनका परिवार देहरादून में रहता है, जिससे विभागीय जिम्मेदारियों के साथ पारिवारिक दायित्व निभाना भी कठिन हो गया है। ईओ ने यह भी बताया कि उनकी नैनीताल में यह तीसरी तैनाती है और सेवानिवृत्ति में तीन वर्ष से भी कम समय शेष है। ऐसे में उन्होंने शासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए स्वास्थ्य और पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर उनका स्थानांतरण देहरादून किए जाने का अनुरोध किया है। अब इस प्रार्थना पत्र पर शासन क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।