हाईकोर्ट को हल्द्वानी लाने की दिशा में बड़ा कदम!लामाचौड़ में बेल बाबा मंदिर के पास चिन्हित हुई जमीन,अधिवक्ताओं ने कैबिनेट के फैसले का किया स्वागत

A major step towards bringing the High Court to Haldwani! Land identified near the Bel Baba Temple in Lamachaur; lawyers welcome the cabinet decision.

हल्द्वानी। उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने की दिशा में धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में हल्द्वानी के लामाचौड़ स्थित बेलबाबा क्षेत्र में हाईकोर्ट परिसर के निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

 


सरकार के न्याय विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, रुद्रपुर के भाखड़ा रेंज के लामाचौड़ में कुल 73 हेक्टेयर वन भूमि चिन्हित की गई है। यह भूमि खसरा/ब्लॉक प्लॉट संख्या 46 और 47 में स्थित है और हल्द्वानी-रुद्रपुर राजमार्ग संख्या-5 से लगी हुई है। इसी भूमि में से हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए आवश्यकता के अनुसार भूमि हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
बताया गया है कि वर्ष 2023 में मंत्रिमंडल ने नैनीताल में स्थित हाईकोर्ट को हल्द्वानी जनपद के गौलापार क्षेत्र में स्थायी रूप से स्थानांतरित करने के लिए भूमि चिन्हित करने का निर्णय लिया था। इसके बाद नैनीताल जिला प्रशासन की स्थलीय निरीक्षण आख्या के आधार पर लामाचौड़ की इस भूमि को उपयुक्त पाया गया।


हाईकोर्ट परिसर में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
कैबिनेट के फैसले के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने इसका स्वागत किया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र सिंह रावत ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर बनने से प्रदेश में न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार का रास्ता साफ होगा।
उन्होंने कहा कि नए परिसर में कोर्ट भवनों के साथ अधिवक्ताओं के चैंबर और अन्य आवश्यक आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। इससे न्यायिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी तथा आने वाले समय में जजों की संख्या बढ़ने के साथ न्यायिक व्यवस्था का विस्तार भी संभव होगा।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने सरकार से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए व्यापक आवासीय योजना शुरू करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं के लिए बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध होना भी जरूरी है।
वहीं बार एसोसिएशन के सचिव ने भी कैबिनेट के फैसले को स्वागतयोग्य बताते हुए कहा कि गौलापार-हल्द्वानी क्षेत्र में हाईकोर्ट परिसर के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय अधिवक्ताओं के साथ-साथ पूरी न्याय व्यवस्था के हित में है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक फैसला बताया।


अधिवक्ताओं में खुशी, एक-दूसरे को दी बधाई
कैबिनेट की मंजूरी की जानकारी सामने आने के बाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं में भी खुशी का माहौल है।

अधिवक्ताओं ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए एक-दूसरे को बधाई दी। उनका कहना है कि हल्द्वानी में हाईकोर्ट का नया परिसर बनने से न्यायिक ढांचे का व्यापक विस्तार होगा और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक न्यायिक सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।