नैनीताल:मल्लीताल जामा मस्जिद में मारपीट और धमकी के मामले को लेकर दायर अधिवक्ता की सुरक्षा याचिका पर हाईकोर्ट सख्त! पुलिस को कार्रवाई और विवाद सुलझाने के निर्देश
मल्लीताल की जामा मस्जिद परिसर में मारपीट और कथित जान से मारने की धमकी के मामले में हाईकोर्ट ने नैनीताल पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने पुलिस से मामले में दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के साथ ही विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने और याची अधिवक्ता मोहम्मद मतलूब को सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी और मल्लीताल थाने के एसएसआई दिनेश जोशी भी कोर्ट में मौजूद रहे।
हाईकोर्ट अधिवक्ता मोहम्मद मतलूब ने मल्लीताल थाने में दी गई तहरीर और हाईकोर्ट में दायर सुरक्षा याचिका में आरोप लगाया है कि 5 अगस्त की शाम मगरिब की नमाज के बाद वह अपने करीब 12 से 15 सहयोगियों के साथ जामा मस्जिद परिसर में कुरान की तालीम कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कुछ लोग वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
याचिका के मुताबिक, घटना में अधिवक्ता मोहम्मद मतलूब और उनके भाई महफूज को चोटें आईं। याची का कहना है कि घटना से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है।
याचिका में इस विवाद की पृष्ठभूमि को लेकर भी कई आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता मतलूब का दावा है कि उनका लंबे समय से अंजुमन इस्लामिया कमेटी के पदाधिकारियों और कुछ अन्य लोगों के साथ विवाद चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कमेटी के संचालन और वित्तीय मामलों को लेकर उन्होंने पूर्व में हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि विवाद का एक पहलू धार्मिक और वैचारिक मतभेद से जुड़ा हुआ है। अधिवक्ता मतलूब के मुताबिक, वह निजामुद्दीन मरकज से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ अपनी आपत्तियां उठाते रहे हैं और 20 जुलाई 2026 को दिल्ली से आई एक जमात के साथ मस्जिद में कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले में भी उन्होंने आवाज उठाई थी।
अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि इसी पुरानी रंजिश और वैचारिक मतभेद के चलते 5 अगस्त को कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उनका दावा है कि हमले के दौरान बाल खींचने के साथ लात-घूंसों और डंडों से हमला किया गया।
याचिका में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान उन्हें झूठे पॉक्सो मामले में फंसाने की धमकी दी गई। अधिवक्ता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने तथा जामा मस्जिद में सुरक्षित रूप से नमाज अदा करने के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
हाईकोर्ट ने मामले में नैनीताल पुलिस को कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने, विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने और याची को सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मामले की स्थिति भी सामने रखी गई।