रेड अलर्ट पर नैनीताल! कल भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी,कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद
नैनीताल। नैनीताल जिले में मौसम के बिगड़े मिजाज और मूसलाधार बारिश के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी के बाद नैनीताल के जिलाधिकारी ने बड़ा फैसला लेते हुए सोमवार, 7 सितंबर 2026 को जिले के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया है।
मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के बाद नैनीताल जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिले में 07 सितंबर 2026, सोमवार को कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालय बंद रहेंगे। इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। आदेश के तहत विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, शिक्षक और कार्यालय स्टाफ को भी अवकाश अनुमन्य रहेगा। मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून की ओर से जारी पूर्वानुमान में नैनीताल जिले के लिए अतिवृष्टि की चेतावनी दी गई है। विभाग ने जिले के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीन से चार अति तीव्र दौर आने की संभावना जताई है। वर्तमान में जिले के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है। ऐसे में प्रशासन ने किसी भी संभावित अप्रिय घटना से बचने के लिए शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। लगातार बारिश के कारण जिले की नदियों, नालों और गधेरों में जलप्रवाह तेज होने की आशंका है। पर्वतीय क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे हालात में स्कूली बच्चों को घर से स्कूल तक आने-जाने में जोखिम हो सकता है। प्रशासन ने इसी को देखते हुए एहतियाती कदम उठाते हुए एक दिन के लिए शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था नैनीताल जिले के कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय और निजी शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगी। हालांकि नैनीताल शहर क्षेत्र में संचालित ऐसे आवासीय शैक्षणिक संस्थान, जहां विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और आवास की सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध है, इस आदेश के दायरे से बाहर रहेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि आदेश का सभी पात्र शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरी तरह पालन हो। नैनीताल जैसे पर्वतीय जिले में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध और अचानक जलप्रवाह बढ़ने की घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। खासकर नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन का यह फैसला फिलहाल एक दिन के लिए है, लेकिन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहता है और मौसम विभाग की ओर से आगे भी चेतावनी जारी की जाती है तो परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त निर्णय लिए जा सकते हैं। जिले में स्कूल बंद रखने का फैसला भले ही बच्चों की पढ़ाई के लिहाज से एक दिन का व्यवधान हो, लेकिन खराब मौसम के बीच ‘पहले सुरक्षा, फिर पढ़ाई’ की नीति के तहत इसे एहतियाती कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने शिक्षा विभाग और जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।