नैनीताल HC:लक्सर मर्डर केस में आया फैसला:हाईकोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में तीनों आरोपियों को किया बरी
नैनीताल:
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में वर्ष 2008 में हुई एक महिला की हत्या के मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को पलटते हुए तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है।
यह फैसला न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने आरोपियों की अपील पर सुनवाई के बाद सुनाया।
मामले के अनुसार, लक्सर कोतवाली क्षेत्र में हुई इस हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश, लक्सर की अदालत ने दिसंबर 2014 में नरेंद्र, पप्पू गुज्जर और प्रवीण बाल्मीकि को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307, 120बी और 504 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी।
हालांकि, हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि मामले में प्रस्तुत गवाहों के बयान आपस में विरोधाभासी हैं और जांच प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई गई हैं।
कोर्ट ने विशेष रूप से इस बात को महत्वपूर्ण माना कि मामले में पहचान परेड नहीं कराई गई और न ही कोई ठोस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत किया गया, जिससे अभियोजन का पक्ष कमजोर हुआ। इसके अतिरिक्त, प्रवीण बाल्मीकि के खिलाफ हथियार अधिनियम के तहत उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसे अदालत ने गंभीर प्रक्रिया संबंधी त्रुटि माना।
इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने नरेंद्र, पप्पू गुज्जर और प्रवीण बाल्मीकि को सभी आरोपों से बरी कर दिया। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा इस मामले में पहले से बरी किए गए आरोपी सुशील के खिलाफ दायर अपील को भी खारिज कर दिया गया है।कोर्ट ने प्रवीण बाल्मीकि की तत्काल रिहाई के आदेश दिए हैं, जबकि नरेंद्र और पप्पू गुज्जर पहले से ही जमानत पर रिहा चल रहे हैं।