नैनीताल ब्रेकिंगः दोपहिया वाहनों के प्रवेश शुल्क का मामला! कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शहरी विकास विभाग के निदेशक को भेजा पत्र, कहा- तत्काल प्रभाव से लगाएं रोक
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में दोपहिया वाहनों पर लगाए गए प्रवेश शुल्क (टोल टैक्स) को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार सरकार के दरवाजे तक पहुंच गया। शनिवार को एक ओर नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ, वहीं दूसरी ओर देर शाम कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शहरी विकास विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए कि नैनीताल नगर पालिका द्वारा दोपहिया वाहनों से वसूले जा रहे प्रवेश शुल्क को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे विवाद पर फिलहाल विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार इस शुल्क का विरोध किया जा रहा था। उनका कहना था कि दोपहिया वाहनों पर प्रवेश शुल्क लगाने से आम लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है और स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को नगर पालिका परिषद नैनीताल की बोर्ड बैठक शुरू होते ही दोपहिया वाहनों के टोल टैक्स टेंडर का मुद्दा सबसे बड़ा विवाद बन गया। कई सभासदों ने इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया और आरोप लगाया कि जनहित से जुड़े इतने महत्वपूर्ण निर्णय पर बोर्ड की पर्याप्त सहमति नहीं ली गई। बैठक के दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि सभासदों और अधिशासी अधिकारी (ईओ) के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक नोकझोंक चलती रही। दोपहिया वाहनों पर प्रवेश शुल्क लगाए जाने के निर्णय के बाद से ही नैनीताल में इसका लगातार विरोध हो रहा था। स्थानीय व्यापार मंडल, सामाजिक संगठन, टैक्सी यूनियन और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी इस फैसले को वापस लेने की मांग उठाई थी। इधर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने देर शाम शहरी विकास विभाग के निदेशक को पत्र भेजते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि नैनीताल नगर पालिका परिषद द्वारा दोपहिया वाहनों से लिए जा रहे प्रवेश शुल्क पर तत्काल प्रभाव से रोक सुनिश्चित की जाए।
