नैनीताल:Uttarakhand HC Shifting protest:अपर सचिव विनीत कुमार के खिलाफ आपराधिक अवमानना की प्रक्रिया चलाने को महाधिवक्ता उत्तराखंड सरकार को क्यों तामील करवाया नोटिस?जानिए खबर के लिंक में
उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल जिला मुख्यालय से अन्यत्र शिफ्ट करने के मामले में विरोध बढ़ने लगा है। दो खेमों में बंट चुके अधिवक्ताओं की हाईकोर्ट शिफ्ट करने और न करने को लेकर अलग अलग राय है। वही बीते रोज हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रशांत जोशी की अध्यक्षता में हुई सभा में उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से अन्यत्र शिफ्ट न करने और नैनीताल में जरूरी जनसुविधाओं के विकास की मांग की गई।
अधिवक्ता कैलाश चंद्र तिवारी ने उत्तराखंड के निर्माण की अवधारण को लेकर कहा कि उत्तराखंड का निर्माण राज्य के सुदूरवर्ती इलाकों के विकास के लिए किया गया था, राज्य गठन से पहले 85 प्रतिशत उत्तराखंडवासियों ने गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग की थी।
वही अधिवक्ता रमन साह ने भी हाईकोर्ट नैनीताल से कही और अन्यत्र शिफ्ट करने का विरोध जताया और कहा कि गजट ऑफ इंडिया में राष्ट्रपति की स्वीकृति से आदेश पारित किया कि उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल में स्थित होगा उन्होंने ये भी कहा कि 27 सितंबर 2022 को देहरादून में हुई बैठक के संबंध में विनीत कुमार अपर सचिव उत्तराखंड सरकार की ओर से हाईकोर्ट को नैनीताल जिले में अन्यत्र स्थापित किए जाने के लिए बैठक बुलाने की सूचना दी गई थी, जिस पर अधिवक्ता रमन साह ने अपर सचिव विनीत कुमार के विरुद्ध आपराधिक अवमानना की प्रक्रिया चलाने के लिए महाधिवक्ता उत्तराखंड सरकार को नोटिस तामील कराया है।
सभा को अधिवक्ता भुवनेश जोशी नवनीश नेगी ,सुहास, रतन जोशी ने संबोधित किया। सभा मे डीके जोशी,केके तिवारी,विजय लक्ष्मी फर्त्याल,गीता परिहार, बीएस कोरंगा,शिवानन्द भट्ट,राजीव शर्मा,हिमांशु असवाल,त्रिलोचन पांडे, कैलाश चन्द्र तिवारी,योगेश पचौलिया,प्रेम कौशल,पंकज चौहान,गौरव कुमार, अविदित नौलियाल,मनोज कुमार, विकास सिंह यादव,महावीर कोहली,अपूर्व चौहान,एमएस भंडारी, एनके पपनोई, जयवर्धन कांडपाल, इत्यादि अधिवक्ता मौजूद रहे।