उत्तराखण्ड में पांच महीने बाद खुला महिला की मौत का राज! बीमारी से परेशान पति ने इलाज के बहाने पानी में मिलाकर पिला दिया जहर, एफएसएल रिपोर्ट से हुआ सनसनीखेज खुलासा

Mystery behind woman's death in Uttarakhand solved after five months! Husband, distressed by her illness, poisoned her by mixing it in water under the pretext of medical treatment; sensational revela

हरिद्वार। हरिद्वार जिले के बहादराबाद थाना क्षेत्र में करीब पांच महीने पहले हुई एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। वैज्ञानिक साक्ष्यों और फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पत्नी की बीमारी से परेशान होकर इलाज के बहाने पानी में जहरीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया था, जिससे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह मामला चार फरवरी 2026 का है। मरगूबपुर निवासी मोहम्मद अनीश ने बहादराबाद कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी बहन को उसके पति अफजाल ने इलाज के नाम पर जहरीला पदार्थ पिला दिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह को जांच सौंपी गई। पुलिस ने घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य एकत्र किए और पोस्टमार्टम के बाद मृतका का बिसरा फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। एफएसएल रिपोर्ट आने पर यह पुष्टि हुई कि महिला की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों का मिलान किया। जांच में मृतका के पति अफजाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी गई, लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, 27 जून को सूचना मिली कि आरोपी क्षेत्र छोड़कर भागने की तैयारी में बढ़ेड़ी राजपूतान हाईवे पुल, शांतर्शाह के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी अफजाल पुत्र मुस्लिम निवासी मिर्जापुर मुस्तफाबाद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसकी पत्नी पिछले कई वर्षों से बीमार चल रही थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी पत्नी की बीमारी से परेशान था और उसने इसी वजह से इलाज के बहाने उसे जहरीला पदार्थ पिला दिया। इसके बाद शक से बचने के लिए उसने पत्नी को अस्पताल में भर्ती भी कराया, ताकि घटना स्वाभाविक बीमारी से हुई मौत प्रतीत हो।

बीस साल पहले हुई थी शादी, चार वर्षों से थी बीमार
मृतका के भाई मोहम्मद अनीश ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन की शादी लगभग बीस वर्ष पहले अफजाल से हुई थी। पिछले चार वर्षों से वह लगातार बीमार चल रही थी। आरोप है कि पति उसका समुचित इलाज कराने के बजाय उससे परेशान रहने लगा था। शिकायत के अनुसार, उसने खेतों में इस्तेमाल होने वाले जहरीले रसायन को दवाई में मिलाकर पत्नी को पिला दिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी ने अपनी साजिश छिपाने के लिए पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि, महिला को अपने साथ हुई घटना का आभास हो गया था। उस समय नायब तहसीलदार ने अस्पताल में महिला के बयान भी दर्ज किए थे, जिन्हें जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया।

वैज्ञानिक जांच बनी सबसे बड़ा आधार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सबूत और अन्य तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई थी। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरी की गई है और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।