मुस्लिम दुकानदार की मदद कर चर्चा में आए ‘मोहम्मद दीपक’ अब आर्थिक तंगी से बेहाल! बंद होने की कगार पर आया जिम, मदद के लिए आगे आए लोग
कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार में ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से चर्चाओं में आए जिम संचालक दीपक कुमार इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कभी सोशल मीडिया पर मानवता और भाईचारे की मिसाल के रूप में वायरल हुए दीपक आज अपने परिवार का गुजारा चलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब उनका जिम बंद होने की कगार पर पहुंच गया है और वह कोटद्वार छोड़ने तक का विचार करने लगे हैं। बता दें कि दीपक कुमार ने जनवरी 2026 में उस समय सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में आवाज उठाते हुए खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गए। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके कदम को मानवता और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बताया, लेकिन यह लोकप्रियता धीरे-धीरे उनके लिए परेशानी का कारण बन गई।
दीपक कोटद्वार में ‘हल्क जिम’ नाम से एक फिटनेस सेंटर संचालित करते हैं। यही जिम उनके परिवार की आय का मुख्य साधन है। लेकिन विवादों और सोशल मीडिया पर बढ़ती चर्चाओं के बाद उनके जिम का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया। दीपक का कहना है कि पहले जहां जिम में अच्छी संख्या में सदस्य आते थे, वहीं अब ग्राहकों की संख्या लगातार घटती जा रही है। नए सदस्य भी जिम से जुड़ने से बच रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब पांच महीनों से वह जिम का किराया तक नहीं चुका पाए हैं। जिम का मासिक किराया लगभग 40 हजार रुपये बताया जा रहा है। आर्थिक तंगी इतनी बढ़ चुकी है कि अब किराया देना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है। मकान मालिक की ओर से उन्हें चेतावनी भी दी जा चुकी है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
मदद को आगे आए लोग, आप नेता संजय सिंह ने दिए 50 हजार रूपए
हांलाकि आर्थिक संकट की खबर सामने आने के बाद कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने दीपक को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी है। संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, ‘मानवता के लिए किसी बुजुर्ग मुस्लिम की मदद करने पर किसी को सजा नहीं मिलनी चाहिए। दीपक का जिम बंद होने की कगार पर है। मैंने अपनी सैलरी से 50 हजार रुपये की मदद की है। आप लोग भी मदद करें।’ वहीं कई अन्य लोगों ने भी दीपक की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं।