उत्तराखण्डः राज्यपाल गुरमीत सिंह ने तोड़ा पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का रिकॉर्ड! 1,756 दिनों के कार्यकाल के साथ बने सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गवर्नर
देहरादून। उत्तराखंड के संवैधानिक इतिहास में सोमवार का दिन एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया। प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने राज्य के सबसे लंबे कार्यकाल वाले राज्यपाल बनने का गौरव हासिल कर लिया है। उन्होंने पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल के 1,755 दिनों के कार्यकाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए 1,756 दिनों का सेवाकाल पूरा कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की थी। राज्यपाल के रूप में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ शिक्षा, युवाओं के मार्गदर्शन, सैनिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को विशेष प्राथमिकता दी। 1 फरवरी 1956 को पंजाब के अमृतसर जिले के जलाल उस्मान गांव में जन्मे लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) का जीवन बचपन से ही अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से प्रेरित रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल कपूरथला से प्राप्त की। उनके पिता मोहिंद्र सिंह भारतीय सेना में रहे, जबकि उनके बड़े भाई भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे चुके हैं। यही कारण रहा कि देशभक्ति और सेवा का भाव उन्हें परिवार से विरासत में मिला।
चार दशक का गौरवशाली सैन्य जीवन
भारतीय सेना में लगभग 40 वर्षों तक सेवा देने वाले लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जैसे प्रतिष्ठित पद तक पहुंचे। अपने सैन्य जीवन के दौरान उन्होंने चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा वार्ताओं, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद विरोधी अभियानों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण अभियानों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई। रणनीतिक मामलों में उनकी गहरी समझ और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें सेना के वरिष्ठ अधिकारियों में विशेष स्थान प्राप्त हुआ।
चार राष्ट्रपति पदकों से सम्मानित
राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और असाधारण नेतृत्व के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा चार प्रतिष्ठित सैन्य अलंकरणों से सम्मानित किया जा चुका है। इनमें परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल शामिल हैं। ये सम्मान भारतीय सेना में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण माने जाते हैं।
राज्यपाल के रूप में जनसरोकारों को दी प्राथमिकता
उत्तराखंड के राज्यपाल बनने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने स्वयं को केवल संवैधानिक दायित्वों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति, अनुसंधान, युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता,जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे विषयों पर भी लगातार जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया।