रांची में शराब फैक्ट्री पर महाछापेमारी: आरजेडी के पूर्व एमएलसी सुबोध राय समेत 3 गिरफ्तार, 303 पेटी नकली विदेशी शराब जब्त

Massive raid on liquor factory in Ranchi: 3 arrested, including former RJD MLC Subodh Rai; 303 cartons of spurious foreign liquor seized.

रांची। झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी इलाके में पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित हो रही एक हाई-प्रोफाइल शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस छापेमारी के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व विधान पार्षद सुबोध राय को उनके चालक और एक कर्मचारी के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। बुधवार देर रात हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में फैक्ट्री से नामी ब्रांडों की करीब 303 पेटी अवैध विदेशी शराब जब्त की गई है। इस बड़े खुलासे के बाद प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

उत्पाद विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई सहायक उत्पाद आयुक्त उमाशंकर सिंह के कुशल नेतृत्व में शुरू की गई थी। ओरमांझी स्थित 'तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड' नामक इस फैक्ट्री में अवैध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने पूरी तैयारी के साथ धावा बोला। टीम ने जब फैक्ट्री के विशाल गोदामों और मुख्य उत्पादन क्षेत्र (प्रोडक्शन एरिया) की तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध रूप से तैयार की जा रही शराब, पैकेजिंग सामग्री, ढक्कन और नामी-गिरामी ब्रांडों के फर्जी लेबल बरामद किए गए। ओरमांझी थाना प्रभारी मनोज कुमार ने पूर्व एमएलसी सुबोध राय, उनके चालक देवेंद्र भगत और कर्मचारी रविकांत राय की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। जांच टीम के अनुसार, इस अवैध प्लांट में बेहद खतरनाक खेल चल रहा था। फैक्ट्री में कम से कम तीन अलग-अलग नामी ब्रांड के नाम पर अवैध रूप से नकली शराब तैयार की जा रही थी। इस नकली शराब पर नामचीन कंपनियों के हूबहू दिखने वाले फर्जी लेबल लगाकर उसे बाजार में सस्ते दामों पर उतारने की तैयारी थी। यूपी-दिल्ली भेजने का था प्लान: जब्त की गई कई बोतलों पर 'For Sale Only in UP' (केवल उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए) के मार्क वाले लेबल लगे मिले। इससे यह साफ आशंका जताई जा रही है कि इस अवैध सिंडिकेट के तार अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े हैं और इस शराब को बिहार, उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली के बाजारों में तस्करी के जरिए खपाने के लिए तैयार किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की बिना मानकों के तैयार की जा रही जहरीली और नकली शराब से आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुबोध राय की इस फैक्ट्री का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले मार्च 2023 में भी इसी तरंगनी लिकर्स फैक्ट्री पर प्रशासन ने छापेमारी की थी। उस समय मौके से 108 बोतल अवैध शराब बरामद होने के बाद इस प्लांट को पूरी तरह सील कर दिया गया था और प्रबंधन को 'कारण बताओ नोटिस' जारी हुआ था। इसके बाद फैक्ट्री का संचालन कागजों पर बंद हो गया था, लेकिन पुलिस को मिले ताजा सबूतों से साफ है कि कुछ समय बाद चोरी-छिपे दोबारा बड़े पैमाने पर उत्पादन और पैकिंग का यह अवैध धंधा फिर से शुरू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर इस रैकेट के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य सफेदपोशों की तलाश शुरू कर दी है।