वैशाली डबल मर्डर में पुलिस का बड़ा एक्शन: 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी से मुठभेड़, दोनों पैरों में लगी गोली
वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में सेना के जवान और उनके पिता की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई की है। बिदुपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को पुलिस और मुख्य आरोपी जगदीश राय के बीच सीधी मुठभेड़ (एनकाउंटर) हो गई। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस को भी गोलियां चलानी पड़ीं। इस मुठभेड़ में आरोपी जगदीश राय के दोनों पैरों में गोली लगी है, जिसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रविवार को हुए इस दोहरे हत्याकांड के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही थीं। इसी बीच सोमवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मुख्य आरोपी जगदीश राय बिदुपुर थाने से महज 3-4 किलोमीटर दूर एक सुनसान इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही वैशाली पुलिस की विशेष टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को अपनी ओर आता देख आरोपी जगदीश राय ने आत्मसमर्पण करने के बजाय सीधे पुलिस की गाड़ी को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी की ओर से दो राउंड गोलियां पुलिस की गाड़ी पर चलाई गईं, जिससे पुलिसकर्मियों की जान पर बन आई। वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया, "आर्मी जवान और उनके पिता की गोली मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी जगदीश राय ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस गाड़ी पर भी दो गोलियां चलाई गईं। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे आरोपी के दोनों पैर में घुटने के नीचे गोली लगी है। उसे तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर और सामान्य बनी हुई है। गौरतलब है कि बीते रविवार को बिदुपुर थाना क्षेत्र में मुनारिक राय और उनके फौजी बेटे जितेंद्र कुमार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जितेंद्र कुमार भारतीय सेना के जवान थे और वर्तमान में राजस्थान के जोधपुर में तैनात थे। वह हाल ही में छुट्टी लेकर अपने परिवार से मिलने गांव आए थे। लेकिन देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले इस वीर जवान को क्या पता था कि गांव आते ही अपनों की दुश्मनी उनकी जान ले लेगी। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला आपसी और पारिवारिक भूमि विवाद से जुड़ा हुआ है। मुनारिक राय का अपने ही पटीदारों (रिश्तेदारों) के साथ रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार सुबह इसी रास्ते के विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पटीदार हिंसक हो उठे। इसी बीच मुनारिक राय के भतीजे जगदीश राय ने आव देखा न ताव और अवैध हथियार निकालकर चाचा मुनारिक राय और भाई जितेंद्र कुमार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोलीबारी इतनी घातक थी कि दोनों पिता-पुत्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को 24 घंटे के भीतर घुटनों पर ला दिया है। बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।