झारखंड पुलिस की बड़ी पहल: 153 दिवंगत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी, डीजीपी के निर्देश पर कमेटी ने लगाई मुहर
रांची। झारखंड पुलिस में सेवा के दौरान अपनी जान गंवाने वाले दिवंगत पुलिस अफसरों और पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा के विशेष निर्देश पर पुलिस मुख्यालय में आयोजित अनुकंपा समिति की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 153 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने की हरी झंडी दे दी गई है। पुलिस विभाग के इस संवेदनशील निर्णय से प्रभावित परिवारों को न सिर्फ एक सम्मानजनक आजीविका मिलेगी, बल्कि संकट की घड़ी में बड़ा आर्थिक सहारा भी प्राप्त होगा।
झारखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अनुकंपा समिति की यह उच्च स्तरीय बैठक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुख्यालय मनोज कौशिक की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस विशेष समिति में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बतौर सदस्य शामिल हुए, जिनमें जैप के डीआईजी कार्तिक एस, स्पेशल ब्रांच के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, सीआईडी के डीआईजी चंदन कुमार झा और गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा के एसपी शामिल थे। समिति ने पूरी पारदर्शिता के साथ सभी आवेदनों की गहन समीक्षा की और योग्य उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई। मुख्यालय के मुताबिक, बैठक के दौरान अनुकंपा के आधार पर नौकरी से जुड़े कुल 163 मामलों को पटल पर रखा गया था। इनमें से 153 मामलों को पूरी तरह सही और नियमों के अनुकूल पाते हुए तुरंत स्वीकृति प्रदान कर दी गई। वहीं, उचित दस्तावेजों या अन्य तकनीकी कारणों से 4 मामलों को फिलहाल होल्ड (लंबित) पर रखा गया है, जिनकी समीक्षा बाद में की जाएगी। इसके अलावा, 3 मामलों को नियमानुसार सही नहीं पाए जाने के कारण सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया गया। कमेटी के फैसले के बाद चयनित 153 युवाओं को उनकी शैक्षणिक और शारीरिक योग्यता के आधार पर पुलिस विभाग के विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया है। कांस्टेबल (आरक्षी) 66 पद,बाल आरक्षी 62 पद,महिला आरक्षी 24 पद,फायरमैन ड्राइवर 01 पद,है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस त्वरित प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों की मदद करना है, जिन्होंने विभाग की सेवा करते हुए अपने मुखिया को खो दिया। डीजीपी तदाशा मिश्रा के कड़े रुख के कारण ही महीनों से लंबित इन मामलों का निपटारा इतनी तेजी से हो सका है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पुलिस महकमे और प्रभावित परिवारों में खुशी की लहर है। नवनियुक्त युवाओं को जल्द ही उनके संबंधित जिलों और इकाइयों में योगदान देने के लिए आधिकारिक नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे।