देहरादून के मियांवाला को मिली बड़ी सौगात: 8.64 करोड़ से बने 'जल सृष्टि पार्क' का सीएम धामी ने किया लोकार्पण
देहरादून। राजधानी देहरादून के मियांवाला क्षेत्र को एक शानदार और हरित सौगात मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा लगभग 8 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत से विकसित 'जल सृष्टि पार्क' का भव्य लोकार्पण किया। अपनी पूर्व घोषणा को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक पुराने और उपेक्षित पड़े तालाब का पुनर्जीवन (कायाकल्प) कर इस आधुनिक पार्क की आधारशिला को साकार किया है।
देहरादून के रायपुर क्षेत्र के मियांवाला में शुक्रवार को विकास और पर्यावरण संरक्षण का नया मॉडल सामने आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से करीब 8 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत से विकसित किए गए ‘जल सृष्टि पार्क’ का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत विकसित इस पार्क की खासियत यह है कि इसे किसी नए जलाशय के निर्माण के बजाय पुराने तालाब का पुनर्जीवन कर तैयार किया गया है। लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को नए पार्क की सौगात मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह पार्क स्वच्छ, स्वस्थ और हरित देहरादून की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ‘जल सृष्टि पार्क’ प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का ऐसा समन्वय है, जहां बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। पार्क का सबसे खास आकर्षण यहां विकसित किया गया आइलैंड है। तालाब के बीच बनाए गए इस आइलैंड के साथ लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने तालाब को समाप्त करने के बजाय उसका पुनर्जीवन कर पार्क के रूप में विकसित करना पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक शहरी विकास के बीच संतुलन का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पार्क के विकसित होने से रायपुर क्षेत्र को नया आकर्षण मिला है। यहां आने वाले लोगों को देहरादून में ही ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ का अनुभव मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने जल स्रोतों और तालाबों के संरक्षण को केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और विरासत से जुड़ा प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल और जंगल का विशेष महत्व रहा है। सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही है। धामी ने कहा कि विकास का अर्थ केवल कंक्रीट के ढांचे खड़े करना नहीं है। लोगों का जीवन आसान बनाना, शहर को सुंदर बनाना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना भी विकास का हिस्सा है। उन्होंने ‘जल सृष्टि पार्क’ को इसी सोच का उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से उत्तराखंड में विकास कार्यों को गति मिल रही है। रायपुर क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के विस्तार पर भी सरकार का फोकस है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से ‘जल सृष्टि पार्क’ की स्वच्छता और हरियाली बनाए रखने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार पार्क और सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण कर सकती है, लेकिन उन्हें स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाए रखना समाज की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण, हरियाली का विस्तार और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं का विकास देहरादून को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने के संकल्प को नई गति देगा।