Sep 18, 2026 Login

बिग ब्रेकिंगः बहुचर्चित निठारी कांड के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या! हरिद्वार में फांसी लगाकर दी जान

Big Breaking: Surendra Koli, the prime accused in the infamous Nithari case, has committed suicide! He took his own life by hanging himself in Haridwar.

हरिद्वार। नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में लंबे समय तक आरोपी रहे और बाद में अदालत से बरी हुए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली है। शुक्रवार को नगर कोतवाली क्षेत्र के भूपतवाला स्थित लालमाता मंदिर के सामने एक चाय के खोखे में करीब 50 वर्षीय सुरेंद्र कोली का शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली पुत्र शंकु राम, निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासैंण, अल्मोड़ा के रूप में हुई है। बताया गया कि कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था। इससे पहले वह रोशनाबाद क्षेत्र में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहा था। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले ही उसने भूपतवाला क्षेत्र में चाय का खोखा शुरू किया था। शुक्रवार को आसपास के लोगों ने खोखे में उसका शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पारिवारिक तनाव की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मृतक के हरिद्वार आने, यहां रहने के दौरान उसके संपर्क में रहे लोगों और पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कोली के संपर्क में हाल के दिनों में कौन-कौन लोग थे और उसकी किसी से कोई बातचीत या विवाद तो नहीं हुआ था। मौके से किसी लिखित संदेश आदि की जानकारी की भी जांच की जा रही है।

निठारी कांड से पूरे देश में सुर्खियों में आया था नाम
सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित निठारी कांड के बाद देशभर में चर्चा में आया था। नोएडा के सेक्टर-31 स्थित डी-5 निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी से जुड़े इस मामले में कई बच्चों और युवतियों के लापता होने की घटनाओं ने सनसनी फैला दी थी। जांच के दौरान कोठी के आसपास से मानव अवशेष मिलने के बाद मामला बेहद चर्चित हो गया था। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को आरोपी बनाया गया। इसके बाद यह मामला निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद वर्ष 2025 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कोली को निठारी कांड से जुड़े मामलों में राहत मिली और वह बरी हो गया।

पुलिस ने शुरू की गहन जांच
नगर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि कोली हरिद्वार में रहकर चाय का खोखा चला रहा था और प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चलेगा। सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी के अनुसार पुलिस को निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की मौत की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और मृतक के संपर्क में रहे लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। मौत की परिस्थितियों और इसके पीछे की वजह को लेकर जांच जारी है।