नेपाल में बड़ा हादसाः हाईवे से त्रिशूली नदी में गिरी यात्री बस, 18 लोगों की दर्दनाक मौत! अंधेरे में चला रेस्क्यू, टॉर्च और नाव बनी सहारा

Major accident in Nepal: A passenger bus plunges from a highway into the Trishuli River, killing 18 people! Rescue operations are underway in the dark, with torches and boats providing the only suppo

नई दिल्ली। नेपाल से एक दुखद खबर सामने आई है, यहां पोखरा से काठमांडू जा रही एक यात्री बस देर रात अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि घटना रात करीब 1 बजे चिनाधारा क्षेत्र के पास हुई। बस में करीब 40 से 45 से अधिक यात्री सवार थे। जानकारी के अनुसार यात्री बस पोखरा से काठमांडू की ओर जा रही थी, तभी पृथ्वी हाईवे पर धादिंग जिले के बेनिघाट रोरांग ग्रामीण नगरपालिका-3 अंतर्गत चिनाधारा-चरौंडी इलाके में अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई। बस करीब 300 मीटर गहरी ढलान से नीचे उतरते हुए त्रिशूली नदी के किनारे जा गिरी। प्रशासन और पुलिस के मुताबिक हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में 6 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं। वहीं 26 यात्रियों को घायल अवस्था में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में 8 महिलाएं, 8 पुरुष और एक नाबालिग लड़की शामिल है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों और घायलों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनके न्यूजीलैंड का निवासी होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को पहले स्थानीय अस्पतालों में प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए काठमांडू रेफर किया गया है। प्रशासन के अनुसार सभी घायलों को घटनास्थल से निकाल लिया गया है और उनकी निगरानी की जा रही है। 

अंधेरे में चला रेस्क्यू, टॉर्च और नाव बनी सहारा
रात का समय, पहाड़ी इलाका और नदी के पास दुर्गम स्थल इन सबने रेस्क्यू को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया। नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स, नेपाल पुलिस और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से राहत-बचाव अभियान चलाया। टॉर्च की रोशनी में घायलों को खोजा गया, नावों की मदद से उन्हें नदी किनारे से लगभग एक किलोमीटर नीचे तक लाया गया, फिर खड़ी चढ़ाई पार कर सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। प्रशासन ने माना कि राहत सामग्री की कमी और रात का अंधेरा बड़ी बाधा बना, फिर भी टीमों ने समय रहते कई जानें बचाईं।